एजेंसी न्यूज

विवादित बयानों को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, नेताओं से बयानबाजी न करने की कांग्रेस की हिदायत

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के कुछ नेताओं की पहलगाम हमले से संबंधित टिप्पणियों को लेकर सोमवार को मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साधा और मल्लिकार्जुन खरगे तथा राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय एकता का उनका आह्वान महज एक औपचारिकता थी.

विवादित बयानों को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, नेताओं से बयानबाजी न करने की कांग्रेस की हिदायत

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के कुछ नेताओं की पहलगाम हमले से संबंधित टिप्पणियों को लेकर सोमवार को मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साधा और मल्लिकार्जुन खरगे तथा राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय एकता का उनका आह्वान महज एक औपचारिकता थी. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में अपने कुछ नेताओं की विवादित टिप्पणियों से दूरी बनाते हुए हिदायत दी कि इस संवेदनशील विषय पर पार्टी लाइन से हटकर बयान नहीं दिया जाना चाहिए.

यह भी पढें: पंजाब सरकार मादक पदार्थ, हथियार की तस्करी रोकने के लिए ड्रोन रोधी प्रणाली तैनात करेगी

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति का प्रस्ताव, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा व्यक्त विचार ही पार्टी की राय है. पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार, कर्नाटक के मंत्री आर बी तिम्मापुर तथा राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाद्रा सहित पार्टी के कई नेताओं के नाम लिये.

उन्होंने कहा, ‘‘क्या राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का अपनी पार्टी पर कोई नियंत्रण नहीं है? या फिर उन दोनों ने औपचारिक टिप्पणियां कीं और दूसरों को अपनी मर्जी से बोलने की आजादी दी?’’

प्रसाद ने कहा कि उनकी (कांग्रेस नेताओं की) टिप्पणियों का इस्तेमाल पाकिस्तान में, यहां तक ​​कि वहां की मीडिया द्वारा भी भारत को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि जब आतंकी हमले के बाद पूरी दुनिया भारत के साथ है, चाहे वह अमेरिका हो, फ्रांस हो या सऊदी अरब,- ये नेता इस तरह की शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी कर रहे हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है.

उन्होंने कहा कि वडेट्टीवार और तिम्मापुर जैसे नेताओं ने कुछ पीड़ितों के इस बयान पर सवाल उठाया है कि आतंकवादियों ने गैर-मुसलमानों की पहचान की और फिर उन्हें गोली मार दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के लिए सर्वदलीय बैठक में सरकार को अपना समर्थन दिया था, जो भारत के परिपक्व लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘कांग्रेस कार्यसमिति ने 24 अप्रैल, 2025 को बैठक की और इससे दो दिन पहले पहलगाम में पर्यटकों पर हुए बर्बर आतंकी हमले पर एक प्रस्ताव पारित किया. इसके पश्चात 24 अप्रैल, 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सर्वदलीय बैठक में भाग लिया तथा पार्टी का पक्ष रखा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के कुछ नेता मीडिया में चर्चा कर रहे हैं. वे केवल अपनी व्यक्तिगत राय रखते हैं, वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते.’’ रमेश ने कहा कि ऐसे अत्यंत संवेदनशील समय में इस बात में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि केवल कांग्रेस कार्यसमिति का प्रस्ताव, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा व्यक्त विचार एवं अधिकृत पार्टी पदाधिकारियों के विचार ही कांग्रेस की आधिकारिक राय का प्रतिनिधित्व करते हैं. बाद में रमेश ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘कांग्रेस नेता इस संवेदनशील विषय पर पार्टी लाइन के अनुसार टिप्पणी करें या फिर बयानबाजी से परहेज करें.’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2025 07:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).