Mahaparinirvan Diwas 2025 Quotes in Hindi: भारतीय संविधान (Indian Constitution) के रचयिता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर (Dr. Babasaheb Ambedkar) को उनके द्वारा समाज में दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए याद किया जाता है. वे एक महान समाज सुधारक और विद्वान थे. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था और उनकी पुण्यतिथि को हर साल 6 दिसंबर के दिन महापरिनिर्वाण दिवस (Mahaparinirvan Diwas) के तौर पर मनाया जाता है. बौद्ध धर्म के अनुयायियों के मतानुसार, आंबेडकर जी भी अपने कार्यों से निर्वाण प्राप्त कर चुके हैं, इसलिए उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने अपने जीवन काल में समाजिक भेदभाव, छुआछूत, जातिवाद को खत्म करने के लिए कई लड़ाइयां लड़ी. इसके साथ ही उन्होंने गरीबों और दलित वर्ग के लोगों की स्थिति में सुधार लाने के लिए अथक प्रयास किए.
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के अनुयायियों का मानना है कि वे अपने गुरु भगवान गौतम बुद्ध की तरह ही काफी प्रभावी और सदाचारी थे. उनके कार्यों की वजह से उन्हें निर्वाण प्राप्त हो चुका है, इसलिए उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के इन 10 प्रेरणादायी विचारों को अपनों संग शेयर करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं.










बौद्ध धर्म के अनुसार, जो निर्वाण प्राप्त करता है वह जीवन चक्र से मुक्त हो जाता है यानी उसकी आत्मा बार-बार जन्म नहीं लेती है. कहा जाता है कि निर्वाण पाने के लिए व्यक्ति को बहुत सदाचारी और धर्मसम्मत जीवन जीने की आवश्यकता होती है. 80 साल की उम्र में भगवान बुद्ध के निधन को असल महापरिनिर्वाण कहा गया. वहीं 6 दिसंबर को मनाए जाने वाले महापरिनिर्वाण दिवस पर आंबेडकर के अनुयायी और राजनीति से जुड़े दिग्गज नेता चैत्य भूमि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. गौरतलब है कि महापरिनिर्वाण एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है मुक्ति, जो बौद्ध धर्म के प्रमुख सिद्धांतों और लक्ष्यों में से एक है. इस शब्द का अर्थ 'मौत के बाद निर्वाण' है.













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