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Wolf Moon 2026 Date and Time: आज आसमान में दिखेगा साल का पहला सुपरमून, जानें कब और कैसे देखें

साल 2026 का पहला 'सुपरमून' आज रात आसमान की शोभा बढ़ाएगा. 'वुल्फ मून' के नाम से मशहूर यह खगोलीय घटना शनिवार, 3 जनवरी को अपने चरम पर होगी, जब चांद पृथ्वी के सबसे करीब और बेहद चमकदार नजर आएगा.

Wolf Moon 2026 Date and Time: आज आसमान में दिखेगा साल का पहला सुपरमून, जानें कब और कैसे देखें
पूर्णिमा सुपरमून (Photo Credits: X/@Rainmaker1973)

लंदन/नई दिल्ली: दुनिया भर के खगोल प्रेमियों (Stargazers) के लिए साल 2026 की शुरुआत एक शानदार खगोलीय घटना (Astronomical Event) के साथ हो रही है. इस साल का पहला 'सुपरमून', (Super Moon) जिसे पारंपरिक रूप से 'वुल्फ मून' (Wolf Moon) कहा जाता है, आज शनिवार, 3 जनवरी को आसमान में दिखाई देगा. भारतीय समयानुसार यह शनिवार दोपहर 3:33 बजे (10:03 GMT) अपनी पूर्ण चमक के चरम पर पहुंच गया, लेकिन इसे शनिवार शाम और रविवार की रात को सबसे बेहतर तरीके से देखा जा सकेगा.

सुपरमून तब होता है जब चंद्रमा अपनी अंडाकार कक्षा में पृथ्वी के सबसे निकटतम बिंदु पर होता है, जिसे 'पेरिजी' (Perigee) कहा जाता है.

आज आसमान में दिखेगा साल का पहला सुपरमून

'ट्रिपल बूस्ट' से बढ़ेगी चमक

खगोलविदों का कहना है कि इस बार का वुल्फ मून असाधारण रूप से चमकीला होगा. इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. पेरिजी स्थिति: चांद का पृथ्वी के करीब होना.
  2. पेरिहेलियन (Perihelion): वर्तमान में पृथ्वी भी सूर्य के सबसे निकटतम बिंदु पर है, जिससे चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी की तीव्रता लगभग 7% बढ़ जाती है.
  3. सर्दियों की हवा: उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों की शुष्क और साफ हवा के कारण वायुमंडल अधिक पारदर्शी होता है, जिससे चांद की चमक और भी स्पष्ट दिखाई देती है.

इसे 'वुल्फ मून' क्यों कहते हैं?

जनवरी की पूर्णिमा को 'वुल्फ मून' कहने की परंपरा सदियों पुरानी है. प्राचीन यूरोपीय और मूल अमेरिकी मान्यताओं के अनुसार, जनवरी की कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के दौरान भोजन की कमी के चलते भेड़ियों (Wolves) के झुंड भूख से जोर-जोर से चिल्लाते (Howling) थे. हालांकि आधुनिक विज्ञान कहता है कि भेड़िये अपना क्षेत्र निर्धारित करने के लिए चिल्लाते हैं, लेकिन यह नाम आज भी सांस्कृतिक रूप से प्रचलित है.

देखने के लिए टिप्स और आगामी घटनाएं

अगर आप शनिवार को इसे देखने से चूक जाते हैं, तो रविवार की रात को भी चंद्रमा लगभग पूरा और चमकीला दिखाई देगा.

  • सबसे अच्छा समय: चंद्रोदय (Moonrise) और चंद्रास्त (Moonset) के समय इसे देखना सबसे रोमांचक होता है, क्योंकि 'मून इल्यूजन' के कारण क्षितिज पर चांद और भी विशाल नजर आता है.
  • नजारे: किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं है, लेकिन दूरबीन की मदद से आप चांद के गड्ढों (Craters) को साफ देख सकते हैं. चांद के पास ही आपको 'बृहस्पति' (Jupiter) ग्रह भी चमकता हुआ दिखाई देगा.

गौरतलब है कि साल 2026 में कुल तीन सुपरमून होंगे, जिनमें से अगला नवंबर और दिसंबर में दिखाई देगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 03, 2026 02:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).