VIDEO: हिम्मत की मिसाल, पहले मोची का काम, अब व्हीलचेयर पर ज़ोमैटो डिलीवरी कर युवक चला रहा है आजीविका; लोगों ने किया जज़्बे को सलाम
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एडा, 28 फरवरी 2026. सोशल मीडिया पर इन दिनों नोएडा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो मानवीय जज़्बे और कभी हार न मानने वाली हिम्मत की मिसाल पेश कर रहा है. यह वीडियो बबलू नाम के एक दिव्यांग युवक का है, जो अपनी शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ व्हीलचेयर पर बैठकर घर-घर खाना पहुँचाने का काम कर रहे हैं. उनकी मुस्कान और आत्मविश्वास ने इंटरनेट पर लाखों लोगों का दिल जीत लिया है.

नोएडा की सड़कों पर नई पहचान

वायरल वीडियो नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी का बताया जा रहा है. वीडियो में बबलू जोमैटो की लाल टी-शर्ट पहने अपनी विशेष व्हीलचेयर पर डिलीवरी देने पहुँचते हैं. बबलू ने बताया कि वह पिछले करीब डेढ़ महीने से इस काम से जुड़े हैं. वह दिन भर में 3 से 4 राउंड डिलीवरी करते हैं, जिससे उन्हें रोजाना 300 से 350 रुपये की आमदनी हो जाती है.  यह भी पढ़े:  Crowd Gives Standing Ovation To Chris Woakes: ओवल में जज़्बे को सलाम! भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट में डिसलोकेटेड कंधे के साथ बल्लेबाज़ी करने उतरे क्रिस वोक्स, दर्शकों ने दी स्टैंडिंग ओवेशन, देखें वीडियो

हिम्मत की मिसाल

"मोची" से "डिलीवरी पार्टनर" तक का सफर

बबलू का सफर आसान नहीं रहा है. उन्होंने साझा किया कि जोमैटो से जुड़ने से पहले वह मोची (cobbler) का काम करते थे. हालांकि, उस काम में इतनी कमाई नहीं हो पा रही थी कि घर का खर्च और जरूरतें पूरी हो सकें. अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने और सम्मान के साथ जीने के लिए उन्होंने नई राह चुनी. बबलू का कहना है कि वह अपनी मेहनत पर भरोसा करते हैं और उन्हें किसी की सहानुभूति नहीं, बल्कि काम का अवसर चाहिए था.

आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत की मिसाल

वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से बातचीत के दौरान बबलू के चेहरे पर एक स्थायी मुस्कान बनी रही. उन्होंने बताया कि व्हीलचेयर पर होने के बावजूद उन्हें काम करने में कोई झिझक नहीं होती. वह समय पर ऑर्डर पहुँचाने की पूरी कोशिश करते हैं. सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस लगन को "असली हीरो" की संज्ञा दे रहे हैं और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म्स की भी सराहना कर रहे हैं जो दिव्यांगों को रोजगार के समान अवसर प्रदान कर रहे हैं.

समाज के लिए एक संदेश

बबलू की कहानी उन हजारों लोगों के लिए प्रेरणा है जो छोटी-छोटी बाधाओं से हार मान लेते हैं. उनकी आवाज में झलकता आत्मविश्वास यह साबित करता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक कमियां आपकी सफलता के आड़े नहीं आ सकतीं. इंटरनेट पर लोग बबलू की तारीफ करते हुए लिख रहे हैं, "जज़्बे को सलाम, मेहनत ही सबसे बड़ी पूजा है."