Mumbai Drug Crackdown: मुंबई पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने साल 2026 के पहले तीन महीनों (जनवरी से मार्च) में नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पुलिस ने इस अवधि के दौरान एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कुल 1,332 मामले दर्ज किए हैं. इस बड़ी कार्रवाई में 37 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नशीली दवाएं जब्त की गई हैं और 1,287 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
आंकड़ों में कार्रवाई का विवरण
दर्ज किए गए कुल 1,332 मामलों में से 1,080 मामले नशीले पदार्थों के सेवन (Consumption) से संबंधित हैं, जबकि 252 मामले ड्रग्स रखने और तस्करी (Possession) के हैं. पुलिस द्वारा जब्त की गई दवाओं में गांजा, एमडी (MD) और हेरोइन की मात्रा सबसे अधिक पाई गई है. यह भी पढ़े: Mumbai Shocking News: मुंबई के विले पार्ले में पारिवारिक विवाद का खौफनाक अंत, बहन को बचाने आए 24 वर्षीय भाई की जीजा ने की हत्या
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गांजा: 132 मामले.
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एमडी (MD): 82 मामले.
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हेरोइन: 16 मामले.
तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो साल 2025 में कुल 7,623 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिनमें 857 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स जब्त हुई थी.
डार्क वेब और क्रिप्टो करेंसी बनी बड़ी चुनौती
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के अनुसार, आधुनिक ड्रग तस्करी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक कठिन चुनौती बन गई है. तस्कर अब पकड़े जाने से बचने के लिए डार्क वेब और क्रिप्टो करेंसी का सहारा ले रहे हैं. मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों के हवाई अड्डों के माध्यम से 'हाइड्रोपोनिक वीड' का अवैध आयात भी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है.
हाल ही में हुए नेस्को (NESCO) ड्रग ओवरडोज मामले में यह खुलासा हुआ था कि लगभग 4,000 एक्स्टसी गोलियां यूरोप से क्रिप्टो करेंसी के जरिए मंगवाई गई थीं. इस मामले में अब तक 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
छात्र और युवा तस्करों के निशाने पर
मुंबई क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की जांच में सामने आया है कि स्थानीय ड्रग नेटवर्क मुख्य रूप से कॉलेज के छात्रों, पार्टी सर्किट और युवाओं को निशाना बना रहे हैं. पुलिस ने अंधेरी, बांद्रा, डोंगरी और मीरा रोड जैसे इलाकों में कई छोटे और बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है. टिटवाला में की गई एक छापेमारी में लगभग 6 करोड़ रुपये मूल्य की 5,000 एमडी एमए (MDMA) और एक्स्टसी गोलियां बरामद की गईं, जो युवाओं को सप्लाई की जानी थीं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तेज
ड्रग सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय हैं. हाल ही में गैंगस्टर सलीम डोला को तुर्की में गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर विदेश से भारत में एमडी (MD) रैकेट चला रहा था. पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय सप्लायरों और मुख्य सरगनाओं के बारे में और अधिक जानकारी मिल सकेगी.
फिलहाल मुंबई पुलिस के साथ-साथ एनसीबी (NCB), डीआरआई (DRI) और सीमा शुल्क विभाग (Customs) ने हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि शहर को नशे के जाल से मुक्त रखा जा सके.













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