Navi Mumbai Water Cut News: नवी मुंबई के निवासियों को आगामी बुधवार, 13 मई से पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है. नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) ने शहर के मुख्य जल वितरण नेटवर्क में आवश्यक सुधार और मरम्मत के लिए 24 घंटे के शटडाउन की घोषणा की है. यह कटौती बुधवार सुबह 10:00 बजे से शुरू होकर गुरुवार, 14 मई की सुबह 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगी. प्रशासन ने नागरिकों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की है.
क्यों लिया गया शटडाउन का फैसला?
नगर निगम द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, शहर की जल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य किए जाने हैं. इसमें सीबीडी बेलापुर सेक्टर-28 पंपिंग हाउस और भोकरपाड़ा जल शुद्धिकरण केंद्र में बड़े व्यास के वॉल्व (Valves) स्थापित करना शामिल है. इसके अलावा, भोकरपाड़ा एमबीआर के पास मुख्य पाइपलाइन को जोड़ने और प्री-मानसून इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस का काम भी इसी दौरान पूरा किया जाएगा. यह भी पढ़े: Kalyan-Dombivli Water Cut: कल्याण-डोंबिवली में पानी का संकट, बारवी बांध में जलस्तर बनाए रखने के लिए हर हफ्ते 24 घंटे पानी कटौती की घोषणा
कौन-कौन से क्षेत्र होंगे प्रभावित?
इस शटडाउन का व्यापक असर नवी मुंबई के प्रमुख नोड्स पर पड़ेगा. प्रभावित होने वाले मुख्य क्षेत्रों में शामिल हैं:
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बेलापुर, नेरुल और वाशी.
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तुर्भे, सानपाड़ा और कोपरखैरने.
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घनसोली और ऐरोली.
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इसके अतिरिक्त, मुख्य जल लाइन से सीधे कनेक्शन वाले क्षेत्र और सिडको (CIDCO) के अधिकार क्षेत्र वाले खारघर और कामोठे में भी पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी.
गुरुवार शाम तक बना रह सकता है असर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 14 मई (गुरुवार) की सुबह 10:00 बजे काम पूरा होने के बाद जब जलापूर्ति बहाल होगी, तो सिस्टम को सामान्य होने में समय लगेगा. इस कारण गुरुवार शाम को भी कम दबाव (Low Pressure) के साथ जलापूर्ति होने की संभावना है. भीषण गर्मी और पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए कई हाउसिंग सोसायटियों ने पहले ही पानी का भंडारण करना शुरू कर दिया है.
नगर निगम की नागरिकों से अपील
NMMC के अतिरिक्त नगर अभियंता अरविंद शिंदे ने कहा, "हमने निवासियों से अनुरोध किया है कि वे पहले से पर्याप्त पानी जमा कर लें और प्रभावित अवधि के दौरान इसका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करें." अधिकारियों का कहना है कि मानसून से पहले यह मरम्मत कार्य अनिवार्य है ताकि भारी बारिश के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी विफलता या लीकेज से बचा जा सके.
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के दौरान नगर निगम प्रशासन का सहयोग करें और अनावश्यक रूप से पानी बर्बाद न करें. (एजेंसी)













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