Gold Rate Today, May 12, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार, 12 मई 2026 को सोने की कीमतों में मजबूती बनी रही. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में कमजोरी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को मिल रहे समर्थन का असर घरेलू कीमतों पर भी साफ दिख रहा है. इसके साथ ही, भारत में शादियों के सीजन के चलते जेवरों की घरेलू मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे खुदरा बाजार में कीमतें ऊंचे स्तर पर टिकी हुई हैं.
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों का रुख
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक संकेतों और ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीदों के बीच निवेशक सावधानी बरत रहे हैं. सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल आया है. घरेलू मोर्चे पर, दिल्ली से लेकर मुंबई तक के बाजारों में शादियों की खरीदारी के कारण स्थिर मांग बनी हुई है, जो कीमतों को गिरने नहीं दे रही है. यह भी पढ़े: Gold Rate Today, May 10, 2026: सोने की कीमतों में तेजी बरकरार, जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में 22K और 24K गोल्ड के आज के ताजा भाव
प्रमुख शहरों में आज के सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
आज भारत के विभिन्न शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतें कुछ इस प्रकार हैं.
| शहर | 22 कैरेट (INR) | 24 कैरेट (INR) |
| दिल्ली | 1,39,590 | 1,52,270 |
| मुंबई | 1,39,440 | 1,52,120 |
| चेन्नई | 1,40,990 | 1,53,810 |
| कोलकाता | 1,39,440 | 1,52,120 |
| बेंगलुरु | 1,39,440 | 1,52,120 |
| अहमदाबाद | 1,39,490 | 1,52,170 |
| जयपुर/लखनऊ | 1,39,590 | 1,52,270 |
| नोएडा/गुरुग्राम | 1,39,590 | 1,52,270 |
निवेश और खरीदारी से पहले ध्यान दें
बुलियन मार्केट के जानकारों का कहना है कि हालांकि आज कीमतों में बहुत बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है, लेकिन विदेशी बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी है. ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी करने से पहले अपने स्थानीय सर्राफा संघ या ज्वेलर से 'लाइव' रेट जरूर पता करें.
नोट: ऊपर बताए गए रेट्स में वस्तु एवं सेवा कर (GST), मेकिंग चार्ज और अन्य स्थानीय टैक्स शामिल नहीं हैं. अंतिम बिलिंग के समय इन शुल्कों के कारण कुल कीमत में अंतर हो सकता है.
भविष्य का अनुमान
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां स्थिर नहीं होतीं, तब तक सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है. आने वाले दिनों में मुद्रा के उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी. (एजेंसी)













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