Gold Rate Today, May 14, 2026: सोने की कीमतों में भारी उछाल, सरकार ने बढ़ाया आयात शुल्क, जानें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में आज के ताजा भाव
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Gold Rate Today, May 14, 2026:  देश के प्रमुख शहरों में आज यानी गुरुवार को सोने की कीमतों (Gold Rate) में बड़ी बढ़त देखी जा रही है. केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा सोने और चांदी (Gold and Silver) पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाकर 15% करने के निर्णय के बाद घरेलू बाजार में कीमती धातुओं के दाम चढ़ गए हैं. सरकार का यह कदम बुलियन आयात को नियंत्रित करने और रुपये पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, भोपाल, श्रीनगर, जोधपुर, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में सोने के ताज़ा रेट देखें. यह भी पढ़ें: Gold Rate Today, May 13, 2026: आयात शुल्क बढ़ने से आसमान पर पहुंचे सोने के दाम, जानें दिल्ली-मुंबई समेत आपके शहर का ताजा भाव

महानगरों में सोने के ताजा भाव

'गुडरिटर्न्स' के आंकड़ों के अनुसार, आज देश के अधिकांश हिस्सों में 24 कैरेट सोने की कीमत 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर बनी हुई है, जबकि 22 कैरेट सोना 1.42 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रहा है. स्थानीय बाजार की स्थितियों के कारण चेन्नई में अन्य महानगरों की तुलना में कीमतें अधिक दर्ज की गई हैं.

शहरवार कीमतें (प्रति 10 ग्राम):

शहर 22K सोना (INR) 24K सोना (INR)
दिल्ली 1,41,310 1,54,140
मुंबई 1,41,160 1,53,990
चेन्नई 1,43,310 1,56,340
कोलकाता 1,41,160 1,53,990
बेंगलुरु 1,41,160 1,53,990
नोएडा/गुरुग्राम 1,41,310 1,54,140

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव के कारण पिछले कुछ महीनों से सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है. विश्लेषकों का मानना है कि आयात शुल्क में ताजा बढ़ोतरी से आने वाले समय में, विशेषकर शादी-ब्याह के सीजन के दौरान, कीमतें और बढ़ सकती हैं. हालांकि, ऊंची कीमतों का असर रिटेल खरीदारी और ज्वेलरी की मांग पर भी पड़ सकता है.

इंडस्ट्री विशेषज्ञों की चिंता

उद्योग जगत के जानकारों ने चेतावनी दी है कि आयात शुल्क में अत्यधिक वृद्धि से सोने की तस्करी (Smuggling) और अनौपचारिक रास्तों से होने वाली आवक फिर से बढ़ सकती है. इससे पहले 2024 में जब सरकार ने ड्यूटी घटाई थी, तब ऐसी गतिविधियों में कमी देखी गई थी.

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी वैश्विक औद्योगिक मांग के कारण मजबूती बनी हुई है.  व्यापारी अब अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों और रुपये की चाल पर नजर बनाए हुए हैं.