Weather Forecast Today, May 14, 2026: उत्तर भारत में भीषण लू का प्रकोप, दक्षिण में मानसून की आहट और पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट
भीषण गर्मी का प्रकोप (Photo Credits: File Image)

Weather Forecast Today, May 14, 2026:  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) यानी आईएमडी (IMD) ने गुरुवार के लिए देशव्यापी मौसम अपडेट (Weather Update) जारी किया है. वर्तमान स्थिति के अनुसार, देश के उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और मध्य हिस्सों में भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है. वहीं, राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं, जिसके 16 मई के आसपास दक्षिण बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) और अंडमान सागर तक पहुंचने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: Weather Forecast Today, May 13, 2026: उत्तर भारत में गर्मी का कहर, राजस्थान में 'सीवियर हीटवेव' का अलर्ट; दिल्ली और शिमला में हल्की बारिश के आसार

प्रमुख महानगरों का हाल

देश के प्रमुख शहरों में आज का मौसम मिला-जुला रहने वाला है. मौसम पूर्वानुमान सेवा 'विंडी' (Windy) के अनुसार, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और शिमला में आज बारिश की कोई संभावना नहीं है. हालांकि, राजधानी दिल्ली में गुरुवार को हल्की राहत मिल सकती है, जहां 0.2 मिमी की बेहद हल्की बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है.

भीषण गर्मी और लू की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है. IMD के अनुसार, सप्ताह के कई दिनों तक इन क्षेत्रों में लू से लेकर गंभीर लू (Severe Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी. महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा के इलाकों में भी आज गर्म और उमस भरा मौसम रहने की आशंका है.

पूर्वोत्तर और दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट

एक तरफ जहां उत्तर भारत तप रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने वाली हैं:

मुंबई का मौसम आज, 14 मई

दिल्ली का मौसम आज, 14 मई

चेन्नई का मौसम आज, 14 मई

बेंगलुरु का मौसम आज, 14 मई

हैदराबाद का मौसम आज, 14 मई

कोलकाता का मौसम आज, 14 मई

शिमला का मौसम आज, 14 मई

मानसून की प्रगति

मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है. 16 मई के आसपास इसके अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को कवर करने की संभावना है, जो देश में मानसून के औपचारिक आगमन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.