नई दिल्ली, 14 मई: केंद्र सरकार के कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए पेंशन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. हालांकि सरकार पहले ही एकीकृत पेंशन योजना (Integrated Pension Scheme) (UPS) पेश कर चुकी है, लेकिन अब 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन से पहले एक अधिक सुरक्षित और अनुमानित सेवानिवृत्ति आय की मांग उठ रही है. कर्मचारी निकायों ने प्रस्ताव दिया है कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को उनके अंतिम आहरित मूल वेतन (Basic Pay) का 50 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में मिलना चाहिए, जिसमें महंगाई भत्ता (DA) भी शामिल हो. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग को लेकर महाराष्ट्र पेंशनर संगठन की बड़ी मांग, न्यूनतम वेतन ₹65,000 करने और फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने का प्रस्ताव
NPS कर्मचारियों की नई मांग और प्रस्ताव
'ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉईज फेडरेशन' (AINPSEF) ने 8वें वेतन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें एनपीएस (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए एक निश्चित पेंशन संरचना की मांग की गई है. कर्मचारियों की मुख्य चिंता यह है कि बाजार पर आधारित पेंशन रिटर्न बुढ़ापे में पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा प्रदान नहीं कर पा रहे हैं.
फेडरेशन के प्रस्ताव के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन: अंतिम मूल वेतन का 50% प्लस महंगाई भत्ता (DA).
- पारिवारिक पेंशन: पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद अंतिम वेतन का लगभग 30% हिस्सा परिवार को दिया जाए.
- हाइब्रिड मॉडल: सरकार के वर्तमान 14% योगदान को बरकरार रखते हुए बाजार आधारित रिटर्न और गारंटीड लाभों को जोड़ा जाए.
कर्मचारी कल्याण पर बढ़ती चर्चाएं
इन मांगों के बीच, 11 मई को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में 'नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी' (JCM) की 49वीं बैठक आयोजित की गई. यह बैठक जेसीएम ढांचे के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'डायमंड जुबली' वर्ष के रूप में मनाई गई, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
बैठक के दौरान कर्मचारियों से संबंधित 24 एजेंडा मदों पर विस्तृत चर्चा हुई. हालांकि AINPSEF की यह विशिष्ट मांग आधिकारिक एजेंडे का हिस्सा नहीं थी, लेकिन पेंशन और सेवानिवृत्ति से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: न्यूनतम वेतन 65,000 और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग; कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने रखा प्रस्ताव
पेंशन सुधारों का वर्तमान परिदृश्य
गौरतलब है कि 'एकीकृत पेंशन योजना' (UPS) 1 अप्रैल, 2025 से पहले ही लागू हो चुकी है, जो पात्र कर्मचारियों को कुछ शर्तों के साथ सुनिश्चित पेंशन का विकल्प देती है. इसके बावजूद, कई कर्मचारी समूह बाजार की अस्थिरता को देखते हुए एक अधिक स्पष्ट और व्यापक गारंटीड तंत्र की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं.
फिलहाल, सरकार ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष रखी गई इस नई मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन जिस तरह से कर्मचारी संगठन लामबंद हो रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में पेंशन का मुद्दा सरकार के लिए एक बड़ी प्राथमिकता बना रहेगा.












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