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VD Satheesan: वी.डी. सतीशन होंगे केरल के नए मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने राज्य में किया बड़े नेतृत्व परिवर्तन का ऐलान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गहन विचार-विमर्श के बाद वी.डी. सतीशन को केरल का 13वां मुख्यमंत्री चुना है. यह फैसला राज्य में पीढ़ीगत बदलाव और गुटबाजी से ऊपर उठकर नई राजनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

VD Satheesan: वी.डी. सतीशन होंगे केरल के नए मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने राज्य में किया बड़े नेतृत्व परिवर्तन का ऐलान
वी.डी. सतीशन (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 14 मई: तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) से नई दिल्ली (New Delhi) तक चली कई दिनों की राजनीतिक रस्साकशी और गहन मंथन के बाद, कांग्रेस पार्टी ने वी.डी. सतीशन (VD Satheesan) को केरल (Kerala) का 13वां मुख्यमंत्री (13th Chief Minister) नियुक्त करने का फैसला किया है. दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं दीपा दासमुंशी (Deepa Dasmunshi), मुकुल वासनिक (Mukul Wasnik) और अजय माकन (Ajay Maken) ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की आधिकारिक घोषणा की. यह निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और के.सी. वेणुगोपाल (K.C. Venugopal) के बीच हुई अंतिम दौर की बैठकों के बाद लिया गया है. यह भी पढ़ें: Assembly Election Results 2026: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की 823 सीटों पर मतगणना शुरू, पोस्टल बैलेट से हुई शुरुआत, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

वरिष्ठों को दी गई जानकारी

नेतृत्व के इस चुनाव की सूचना वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला को स्वयं राहुल गांधी ने फोन पर दी. इस फैसले के साथ ही केरल कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है. सतीशन की नियुक्ति को राज्य में कांग्रेस की एक नई और आक्रामक छवि पेश करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

कौन हैं वी.डी. सतीशन?

कोच्चि जिले में जन्मे 61 वर्षीय वी.डी. सतीशन पेशे से वकील रहे हैं. उन्होंने अपने विधायी करियर की शुरुआत 2001 में परावुर विधानसभा सीट से जीत हासिल कर की थी. विधानसभा के भीतर अपनी शानदार बहस शैली, सांख्यिकीय डेटा के सटीक उपयोग और तीखे राजनीतिक हमलों के कारण वे जल्द ही पार्टी के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक बन गए.

सतीशन की छवि एक ऐसे नेता की रही है जिन्होंने गुटबाजी के बजाय अपने विधायी प्रदर्शन और संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है.

विपक्ष के नेता से मुख्यमंत्री के पद तक

सतीशन के राजनीतिक उत्थान में 2021 के विधानसभा चुनाव की हार एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। उस समय उन्हें अप्रत्याशित रूप से विपक्ष का नेता चुना गया था. हालांकि शुरुआत में उन्हें एक 'समझौता उम्मीदवार' माना गया, लेकिन उन्होंने इस जिम्मेदारी का बखूबी उपयोग किया.

विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने पीनाराई विजयन सरकार को सोने की तस्करी, एआई कैमरा विवाद और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर मजबूती से घेरा और खुद को केरल में वामपंथ विरोधी राजनीति के प्रमुख चेहरे के रूप में स्थापित किया.

पीढ़ीगत बदलाव का चेहरा

केरल कांग्रेस में दशकों तक 'A' और 'I' गुटों का दबदबा रहा है, लेकिन सतीशन किसी भी पारंपरिक गुट के करीबी नहीं माने जाते. उनकी इसी स्वतंत्र छवि ने युवा विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं को उनकी ओर आकर्षित किया, जो पार्टी में बदलाव चाहते थे.

बुधवार सुबह सतीशन अपने परिवार के साथ तिरुवनंतपुरम स्थित अपने आधिकारिक आवास पहुंचे, जहां समर्थकों की भारी भीड़ पहले से ही मौजूद थी.

चुनौतियां और भविष्य की राह

विपक्ष की बेंच से मुख्यमंत्री कार्यालय तक का सतीशन का सफर कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी केरल में अधिक मीडिया-केंद्रित और आधुनिक दृष्टिकोण अपनाना चाहती है.  उनका मुख्य लक्ष्य पीनाराई विजयन और वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) की राजनीतिक विरासत को कड़ी चुनौती देना होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2026 02:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).