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'भोंदू बाबा' अशोक खरात केस: NCP नेता रूपाली चाकणकर को ED का समन, मनी लॉन्ड्रिंग और यौन शोषण मामले में होगी पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े कथित बलात्कार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एनसीपी नेता रूपाली चाकणकर को पूछताछ के लिए बुलाया है. ईडी इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं और जबरन वसूली के आरोपों की जांच कर रही है.

'भोंदू बाबा' अशोक खरात केस: NCP नेता रूपाली चाकणकर को ED का समन, मनी लॉन्ड्रिंग और यौन शोषण मामले में होगी पूछताछ
'भोंदू बाबा' अशोक खरात केस (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 13 मई: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) यानी ईडी (ED) ने बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) (NCP) की नेता रूपाली चाकणकर (Rupali Chakankar) को समन जारी किया है. यह समन स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात (Ashok Kharat), जिन्हें "भोंदू बाबा" (Bhondu Baba) के नाम से भी जाना जाता है, से जुड़े कथित बलात्कार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में जारी किया गया है. ईडी ने चाकणकर को इसी सप्ताह एजेंसी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat and Rupali Chakankar Video Searches: न्याय से ज्यादा 'वीडियो' की तलाश; डिजिटल युग में सामाजिक विकृति और कानूनी खतरों पर एक विशेष रिपोर्ट

जांच का दायरा और अब तक की कार्रवाई

इस मामले में ईडी की कार्रवाई केवल चाकणकर तक सीमित नहीं है. इससे पहले एजेंसी ने उनकी बहन से भी पूछताछ की थी. मुख्य आरोपी अशोक खरात फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. एडवोकेट शैलेंद्र बागड़े के अनुसार, खरात पर यह तीसरा अपराध दर्ज है और पुलिस ने अपनी शुरुआती जांच पूरी कर ली है.

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत नासिक स्थित ज्योतिषी अशोक खरात और अन्य के ठिकानों पर छापेमारी भी की है. इन पर जबरन वसूली, धार्मिक हेरफेर और महिलाओं के साथ नशीले पदार्थों के जरिए हमले करने जैसे गंभीर आरोप हैं.

वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा

ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने नासिक की दो सहकारी समितियों में तीसरे पक्षों के नाम पर कई बैंक खाते खोले थे. हालांकि, इन सभी खातों में वह स्वयं 'नॉमिनी' था और उसका मोबाइल नंबर उनसे लिंक था, जिससे वह इन "फर्जी खातों" को संचालित कर रहा था.

आरोप है कि खरात साधारण वस्तुओं को 'दिव्य और चमत्कारी' बताकर बेचता था और लोगों से भारी मात्रा में धन वसूलता था. इस पैसे और जबरन वसूली की राशि को चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश पोफले और खरात के बेटों के माध्यम से विभिन्न जमीनों में निवेश किया गया था. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat Case Update: अशोक खरात मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई; बेटा हिरासत में, ताजा FIR के बाद पत्नी कल्पना खरात फरार

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला एक 35 वर्षीय महिला की शिकायत के बाद शुरू हुआ, जिसने खरात पर आध्यात्मिक मार्गदर्शन के बहाने कई वर्षों तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. पुलिस के अनुसार, यह शोषण 2022 से दिसंबर 2025 के बीच हुआ. खरात सिन्नर स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष है और कई सार्वजनिक हस्तियों के बीच उसकी जान-पहचान थी.

(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2026 03:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).