Ashok Kharat Case Update: अशोक खरात मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई; बेटा हिरासत में, ताजा FIR के बाद पत्नी कल्पना खरात फरार
नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ एसआईटी ने जांच तेज कर दी है. शिरडी में 10 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने के आरोप में 11वीं एफआईआर दर्ज होने के बाद खरात के बेटे को हिरासत में लिया गया है, जबकि उनकी पत्नी फरार हैं.
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नासिक: स्वयंभू बाबा (Self-Styled Godman) और पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी अशोक खरात (Ashok Kharat) के खिलाफ विशेष जांच दल (Special Investigation Team) (SIT) ने अपना शिकंजा कस दिया है. ताजा घटनाक्रम में पुलिस ने खरात के बेटे हर्षवर्धन (Harshvardhan) को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, वहीं उनकी पत्नी कल्पना खरात (Kalpana Kharat) फिलहाल फरार बताई जा रही हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, यह कार्रवाई शिरडी में एक बहुचर्चित भूमि धोखाधड़ी मामले में खरात के खिलाफ 11वीं एफआईआर दर्ज होने के बाद की गई है. "कैप्टन" के नाम से मशहूर खरात पहले से ही यौन शोषण और धोखाधड़ी के कई मामलों में पुलिस हिरासत में हैं. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat Case: 150 से अधिक महिलाओं के शोषण का खुलासा, कांग्रेस ने लगाए 'वाइफ-स्वैपिंग' और राजनीतिक साठगांठ के गंभीर आरोप
बेटे से पूछताछ और पत्नी की तलाश
मंगलवार को एसआईटी के अधिकारियों ने नासिक के कर्मयोगी नगर स्थित खरात के आवास पर छापेमारी की और उनके बेटे हर्षवर्धन को हिरासत में लिया. उसे महाराष्ट्र पुलिस अकादमी ले जाया गया है, जहां जांच टीम उसके पिता की कथित आपराधिक गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन के बारे में पूछताछ कर रही है.
दूसरी ओर, खरात की पत्नी कल्पना खरात को आधिकारिक तौर पर 'भगोड़ा' घोषित कर दिया गया है. उन्हें नवीनतम भूमि धोखाधड़ी सहित कई मामलों में सह-आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने उनकी और एक अन्य सहयोगी अशोक प्रभात तांबे की तलाश के लिए कई टीमें तैनात की हैं.
शिरडी में 10 करोड़ रुपये की भूमि धोखाधड़ी
अशोक खरात की कानूनी मुश्किलें तब बढ़ गईं जब अहिल्यानगर जिले के राहता निवासी रावसाहेब गोंडकर ने शिकायत दर्ज कराई. शिरडी पुलिस के अनुसार, यह मामला लगभग चार एकड़ भूमि के अवैध हस्तांतरण से जुड़ा है, जिसकी बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है.
गोंडकर का आरोप है कि अगस्त 2023 में उन्होंने अपना कर्ज चुकाने के लिए खरात से 5.52 करोड़ रुपये के ऋण की मांग की थी. ऋण की शर्त के तौर पर खरात ने सुरक्षा (Security) के रूप में जमीन की सेल डीड अपने नाम करवा ली. शिकायतकर्ता का दावा है कि किस्तों में लगभग 1.65 करोड़ रुपये वापस करने के बावजूद, खरात ने संपत्ति लौटाने से इनकार कर दिया और अपना नासिक कार्यालय भी बंद कर दिया.
अपराध का तरीका: शोषण और जालसाजी
डीसीपी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व वाली एसआईटी ने खरात के काम करने के एक परेशान करने वाले पैटर्न का खुलासा किया है। अब तक दर्ज 11 एफआईआर में निम्नलिखित गंभीर आरोप शामिल हैं:
- यौन शोषण: 7 मामलों में "दिव्य शक्तियों" या वैवाहिक समस्याओं के "चमत्कारी इलाज" के बहाने बार-बार बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोप हैं.
- वित्तीय अपराध: 4 मामले उन लोगों को निशाना बनाकर की गई धोखाधड़ी, जबरन वसूली और अवैध साहूकारी से जुड़े हैं जो आर्थिक संकट में थे.
- डिजिटल सबूत: जांचकर्ताओं ने मोबाइल फोन से 100 से अधिक वीडियो बरामद किए हैं, जिनका कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और डराने-धमकने के लिए इस्तेमाल किया जाता था. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat 1000 Videos: खरात के दफ्तर से मिली पेन-ड्राइव में 1,000 वीडियो, अब तक केवल 150 ही आए सामने- वडेट्टीवार
राजनीतिक हलचल और जांच का दायरा
मर्चेंट नेवी में 22 साल सेवा देने वाले अशोक खरात ने सिन्नर में एक प्रभावशाली अंकशास्त्री और मंदिर ट्रस्ट प्रमुख के रूप में अपनी पहचान बनाई थी. 18 मार्च को उनकी गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद भी छिड़ गया है. विपक्षी दल खरात के उन राजनेताओं के साथ संबंधों पर सवाल उठा रहे हैं जिन्होंने पहले उनके मंदिर का दौरा किया था.
एसआईटी को समर्पित हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से अब तक 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका सत्यापन जारी है। इस बीच, धोखाधड़ी वाले ऋण समझौतों में मदद करने के आरोप में दो अन्य सहयोगियों, किरण सोनवणे और अरविंद बावके को भी गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2026 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

