Pune: सावन में मटन खाने की जिद पड़ी भारी, पिता ने बेटे को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, सबूत मिटाने में मां ने भी दिया साथ
बताया जा रहा है कि महेश गायकवाड़ ने घर में मटन खाने की इच्छा जताई थी. इसी बात को लेकर पिता से विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया. पुलिस के मुताबिक पिता ने महेश की बेरहमी से पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में उसकी मौत हो गई. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Pune Man Murder Over Mutton Demand During Sawan: महाराष्ट्र के पुणे से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां सावन के महीने में मटन खाने की जिद को लेकर हुए विवाद में एक 30 वर्षीय युवक की कथित तौर पर उसके पिता ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान महेश गायकवाड़ के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि परिवार सावन के दौरान मांस, मछली और अंडे का सेवन नहीं कर रहा था, लेकिन महेश ने घर में मटन खाने की जिद की, जिसके बाद पिता के साथ कहासुनी हिंसक झगड़े में बदल गई. इतना ही नहीं, बेटे की मौत के बाद उसकी मां ने भी कथित तौर पर सबूत मिटाने में पति का साथ दिया. पुलिस ने हत्या और सबूत नष्ट करने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार कर लिया है.
बताया जा रहा है कि महेश गायकवाड़ ने घर में मटन खाने की इच्छा जताई थी. इसी बात को लेकर पिता से विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया. पुलिस के मुताबिक पिता ने महेश की बेरहमी से पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में उसकी मौत हो गई. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बेटे की मौत के बाद सबूत मिटाने में मां ने भी दिया साथ
पुलिस जांच में सामने आया कि महेश की मौत के बाद परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना नहीं दी. आरोप है कि उसकी मां ने भी पति के साथ मिलकर घटना से जुड़े सबूत मिटाने की कोशिश की, ताकि हत्या का मामला छिपाया जा सके. हालांकि वारजे मालवाड़ी पुलिस को मौत की परिस्थितियों पर संदेह हुआ और जांच के दौरान पूरे मामले का खुलासा हो गया.
पुलिस ने माता-पिता को किया गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले सबूतों और पूछताछ के आधार पर महेश के पिता और मां दोनों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से पहले और बाद में क्या-क्या घटनाएं हुईं और सबूत मिटाने की कोशिश किस तरह की गई. दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
सावन में क्यों नहीं खाते कई परिवार मांसाहार?
सावन, जिसे श्रावण भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में बेहद पवित्र महीना माना जाता है. इस दौरान कई परिवार और श्रद्धालु धार्मिक आस्था के चलते स्वेच्छा से मांस, मछली और अंडे जैसे मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं करते. पुलिस के अनुसार इसी धार्मिक परंपरा को लेकर परिवार में विवाद हुआ, जो कथित तौर पर युवक की हत्या तक पहुंच गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2026 09:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

