देश

308-Wheel Giant Truck: यूपी की चीनी मिल जा रहा 308 पहियों वाला विशालकाय ट्रेलर अब बिहार के औरंगाबाद में अटका; देखने के लिए उमड़ी भारी भीड़

ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से उत्तर प्रदेश की एक चीनी मिल के लिए भारी-भरकम औद्योगिक मशीन लेकर जा रहा 308 पहियों वाला विशालकाय 'मॉन्स्टर' ट्रेलर अब बिहार के औरंगाबाद जिले स्थित बारुण में फंस गया है. अपनी असाधारण लंबाई, वजन और सैकड़ों टायरों की वजह से झारखंड में हफ्तों तक कौतूहल और चर्चा का केंद्र रहा यह ट्रेलर जैसे ही बिहार की सीमा में दाखिल हुआ, तकनीकी और लॉजिस्टिक बाधाओं के चलते इसकी रफ्तार फिर थम गई.

308-Wheel Giant Truck: यूपी की चीनी मिल जा रहा 308 पहियों वाला विशालकाय ट्रेलर अब बिहार के औरंगाबाद में अटका; देखने के लिए उमड़ी भारी भीड़

औरंगाबाद (बिहार): सोशल मीडिया पर '308 चक्के वाली गाड़ी' के नाम से वायरल हो चुका देश का सबसे विशालकाय ट्रेलर एक बार फिर रास्ते में रुक गया है. बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की एक चीनी मिल के लिए विशाल मशीनरी ले जा रहा यह मल्टी-एक्सल ट्रेलर बिहार के औरंगाबाद जिले के बारुण इलाके में आकर फंस गया है.

सड़क पर रेंगते इस भारी-भरकम वाहन को देखने, उसके साथ सेल्फी लेने और वीडियो बनाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट रही है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेले जैसा दृश्य बन गया है.

पारादीप बंदरगाह से शुरू हुआ था सफर, महीनों से जारी है यात्रा

रिपोर्ट के अनुसार, इस विशालकाय कार्गो का सफर बेहद लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा है:

  • ओडिशा से रवानगी: यह मशीनरी विदेश से समुद्री मार्ग के जरिए ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंची थी। चालक दल के अनुसार, बंदरगाह से यह ट्रेलर लगभग दो महीने पहले उत्तर प्रदेश के गंतव्य के लिए रवाना हुआ था.
  • झारखंड के शहरों से गुजरा: ओडिशा सीमा पार करने के बाद यह ट्रेलर सिमडेगा, गुमला, हजारीबाग और रांची से होकर गुजरा.
  • रांची में भी लगा था ब्रेक: अगस्त के अंतिम सप्ताह में रांची के नगड़ी (पिस्का) टोल प्लाजा के पास रेलवे ओवरहेड बैरिकेड और हाई-टेंशन तारों के चलते इसे तीन दिनों से अधिक समय तक रुकना पड़ा था. रेलवे और बिजली विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद ही यह आगे बढ़ सका था.

ओडिशा से लंबी यात्रा के बाद 308 पहियों वाला जंबो ट्रेलर बिहार के औरंगाबाद में फंसा

बारुण में क्यों थमे 308 पहियों के पहिए?

भारी औद्योगिक मशीनों के सड़क परिवहन में सामान्य ट्रकों की तुलना में कई गुना अधिक लॉजिस्टिक जटिलताएं होती हैं:

  • सड़क की चौड़ाई और मोड़: करीब 100 फीट से अधिक लंबे और भारी वजन वाले इस वाहन के लिए केवल चौड़ी सड़क होना ही काफी नहीं होता, बल्कि तीव्र घुमाव (शार्प टर्न) और संकरे पुल सबसे बड़ी चुनौती बनते हैं.
  • हाई-टेंशन बिजली के तार: ऊंचाई अधिक होने के कारण रास्ते में पड़ने वाली बिजली की तारों को सुरक्षित रूप से ऊंचा उठाना या बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद कराना पड़ता है. सिमडेगा और रांची में भी बिजली तारों को हटाने के लिए विशेष तकनीकी टीमों की मदद लेनी पड़ी थी.
  • डायवर्शन और ओवरब्रिज: राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज या डायवर्शन से 308 पहियों के संतुलन को बनाए रखते हुए वाहन निकालना बेहद जोखिम भरा होता है. बारुण में भी आगे के मार्ग पर आवश्यक क्लीयरेंस और संकरे रास्तों के तकनीकी निरीक्षण के चलते इसे अस्थायी रूप से रोका गया है.

सोशल मीडिया पर छाया मॉन्स्टर ट्रेलर

झारखंड और अब बिहार की सड़कों पर इस ट्रक का पहुंचना सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और व्लॉगर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है. यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इसके दर्जनों वीडियो वायरल हो रहे हैं. लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि 308 टायरों और दर्जनों एक्सल वाले इस विशालकाय हाइड्रोलिक ट्रेलर को कैसे नियंत्रित किया जा रहा है.

चालक दल के अनुसार, सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए वाहन की गति बेहद धीमी (कुछ किलोमीटर प्रति घंटा) रखी जाती है. बारुण से आगे उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने और अपनी अंतिम मंजिल तक पहुंचने में इस ट्रेलर को अभी कई हफ्तों का समय और लग सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 18, 2026 04:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).