Ashok Kharat 1000 Videos: खरात के दफ्तर से मिली पेन-ड्राइव में 1,000 वीडियो, अब तक केवल 150 ही आए सामने- वडेट्टीवार
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने खरात मामले में एक चौंकाने वाला दावा किया है. उनके अनुसार, आरोपी के कार्यालय से बरामद पेन-ड्राइव में लगभग 1,000 वीडियो हैं, जिनमें से अभी बहुत कम हिस्सा ही सार्वजनिक हुआ है.
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में 'पेन-ड्राइव' और 'वायरल वीडियो' का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने अब इस मामले में एक नया और गंभीर दावा किया है. वडेट्टीवार के अनुसार, खरात के कार्यालय से जो पेन-ड्राइव बरामद हुई है, उसमें कथित तौर पर 1,000 से अधिक वीडियो मौजूद हैं. उन्होंने आशंका जताई है कि अब तक केवल 150 वीडियो ही सामने आए हैं, जबकि बाकी वीडियो का सामने आना अभी बाकी है.
वडेट्टीवार का सनसनीखेज दावा
विजय वडेट्टीवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों और पुलिस को जो डिजिटल सबूत मिले हैं, वे बेहद विस्तृत हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की संभावना है. वडेट्टीवार का कहना है कि 1,000 वीडियो की मौजूदगी यह दर्शाती है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं बल्कि एक बड़ा और सुनियोजित जाल हो सकता है. उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है.
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क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब महाराष्ट्र के कुछ राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों से जुड़े कथित आक्षेपार्ह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे. इस मामले में खरात नामक व्यक्ति का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान खरात के ठिकानों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और पेन-ड्राइव जब्त की थी. विपक्ष का आरोप है कि इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा था.
जांच और पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल की टीमें जब्त की गई पेन-ड्राइव के डेटा का विश्लेषण कर रही हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो की सत्यता और उनके स्रोत की जांच की जा रही है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक वडेट्टीवार द्वारा बताए गए '1,000 वीडियो' के आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. जांच दल यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इन वीडियो को बनाने में एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
वडेट्टीवार के इस बयान ने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है. विपक्ष का कहना है कि अगर सभी 1,000 वीडियो सामने आते हैं, तो कई बड़े नामों का पर्दाफाश हो सकता है. वहीं, सत्ताधारी दल का कहना है कि जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
इस मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, क्योंकि साइबर फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. फिलहाल, पुलिस इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि यह डेटा किसने और किस मकसद से एकत्रित किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 31, 2026 10:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

