PM Narendra Modi Appeal: क्या देश में फिर लौटेगा Work From Home कल्चर? पीएम मोदी की अपील ने बढ़ाई हलचल

PM Narendra Modi Appeals To Citizens: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को देशवासियों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम को फिर से अपनाने और विदेश यात्रा से बचने की अपील की. प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक आर्थिक संकट के कारण भारत समेत पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है. हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित परेड ग्राउंड में बीजेपी की जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा हालात में देशहित को सर्वोपरि रखते हुए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी चाहिए. Jet Fuel Price Hike: विमान किराया महंगा होने की आशंका, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के जेट फ्यूल में 5% की बढ़ोतरी; लगातार दूसरे महीने दाम बढ़े

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को विदेशी मुद्रा बचाने पर विशेष ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं और भारत को ईंधन आयात करना पड़ता है. ऐसे में ईंधन की बचत करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है. उन्होंने लोगों से मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने, कार पूलिंग अपनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की अपील की.

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं जैसे वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को फिर से प्राथमिकता देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इन उपायों से ईंधन की बचत होगी और यह राष्ट्रीय हित में होगा.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिकंदराबाद भाषण वीडियो:

प्रधानमंत्री ने लोगों से गैरजरूरी विदेशी यात्राओं, विदेश में छुट्टियां मनाने और डेस्टिनेशन वेडिंग से बचने की अपील की. उन्होंने कहा कि नागरिकों को घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए और भारत के भीतर ही शादी और अन्य समारोह आयोजित करने चाहिए ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके.

पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक गैरजरूरी सोने की खरीदारी से बचने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि इससे विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा. साथ ही उन्होंने देशवासियों से मेड इन इंडिया और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के सामान जैसे जूते, बैग और अन्य वस्तुओं में भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने खाद्य तेल के इस्तेमाल को कम करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के स्वास्थ्य दोनों को फायदा होगा. किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी. उन्होंने किसानों को डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपनाने की भी सलाह दी.

पीएम मोदी ने कहा कि कोविड महामारी और यूक्रेन युद्ध के कारण पूरी दुनिया सप्लाई चेन संकट से गुजर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार पिछले कई वर्षों से इस संकट से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. प्रधानमंत्री ने बताया कि दुनिया में खाद की एक बोरी करीब 3,000 रुपये में बिक रही है, जबकि भारत में किसानों को यही खाद 300 रुपये से कम में उपलब्ध कराई जा रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि पड़ोसी क्षेत्रों में जारी युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़े तेल भंडार नहीं हैं और देश को पेट्रोल, डीजल और गैस आयात करनी पड़ती है. ऐसे में देशवासियों को एकजुट होकर देशहित में काम करना होगा और हर स्तर पर बचत को प्राथमिकता देनी होगी.