ठाणेवासियों को रेल मंत्रालय का बड़ा तोहफा, ठाणे और मुलुंड के बीच बनेगा नया रेलवे स्टेशन, मिली इनिशियल मंजूरी
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ठाणे: मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के सबसे व्यस्त केंद्रों में से एक, ठाणे स्टेशन पर यात्रियों के भारी दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है. केंद्रीय रेल मंत्रालय ने ठाणे और मुलुंड के बीच एक नए रेलवे स्टेशन के निर्माण के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी (In-principle approval) दे दी है. इस मंजूरी के बाद परियोजना के निष्पादन की प्रक्रिया अब एक कदम और आगे बढ़ गई है.

भीड़ कम करने में मिलेगी बड़ी मदद

यह नया स्टेशन घोडबंदर रोड, पोखरण रोड और वागले एस्टेट जैसे क्षेत्रों के लाखों यात्रियों के लिए सीधा विकल्प बनेगा. अधिकारियों का अनुमान है कि इस स्टेशन के चालू होने से ठाणे स्टेशन पर यात्रियों के बोझ में लगभग 31% और मुलुंड स्टेशन पर करीब 24% की कमी आएगी. वर्तमान में ठाणे स्टेशन पर प्रतिदिन छह लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है, जिससे वहां सुरक्षा और प्रबंधन की चुनौतियां बनी रहती हैं.  यह भी पढ़े:  Mumbai Local Train Update: मध्य रेल का बड़ा फैसला, NEET UG 2026 छात्रों की सुविधा के लिए 3 मई को दिन में ट्रेनों का कोई मेगा ब्लॉक नहीं

'आनंद दिघे' के नाम पर होगा स्टेशन का नाम?

इस परियोजना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा यह भी है कि मार्च 2026 में ठाणे नगर निगम (TMC) ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था. इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि इस नए स्टेशन का नाम दिवंगत शिवसेना नेता आनंद दिघे के नाम पर रखा जाए. क्षेत्र में उनके प्रभाव और योगदान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन इस नामकरण के पक्ष में है.

फंडिंग और बुनियादी ढांचा

इस परियोजना का विकास ठाणे स्मार्ट सिटी लिमिटेड (Thane Smart City Limited) के फंड से किया जाएगा, जबकि निर्माण कार्य की देखरेख मध्य रेलवे करेगा. रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म जैसी मुख्य संरचनाएं रेलवे द्वारा तैयार की जाएंगी, वहीं स्टेशन के आसपास की सुविधाएं जैसे पार्किंग, बस टर्मिनल और डेक का निर्माण स्मार्ट सिटी संस्था करेगी. समय के साथ इस प्रोजेक्ट की लागत 120 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 245 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है.

जमीन हस्तांतरण और भविष्य की योजना

यह स्टेशन ठाणे मानसिक अस्पताल (Thane Mental Hospital) की 14.83 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा. बॉम्बे हाई कोर्ट की अनुमति के बाद 2023 में ही यह जमीन रेलवे को सौंपी जा चुकी है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भेजी गई इस मंजूरी के बाद, अब मध्य रेलवे एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा. इसके बाद अंतिम मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.

यह नया स्टेशन न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि ठाणे के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के लिए 'लास्ट-माइल' कनेक्टिविटी में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा.