Ritesh Tiwari’s Controversial Statement: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद अब नवनिर्वाचित विधायकों के तीखे बयान सामने आने लगे हैं. कोलकाता की काशीपुर-बेलगाछिया विधानसभा सीट से विधायक चुने गए रितेश तिवारी ने मुस्लिम समुदाय को लेकर एक बड़ा विवादित बयान दिया है. एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि इलाके के एक भी मुसलमान ने उन्हें वोट नहीं दिया है, इसलिए वे उनके लिए काम करने के लिए बाध्य नहीं हैं. इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में बवाल मच गया है.
"जिन्होंने वोट दिया, अधिकार उन्हीं का"
विधायक रितेश तिवारी ने मंच से खुले तौर पर कहा कि 1952 से लेकर अब तक के चुनावी इतिहास में वह शायद पहले ऐसे विधायक हैं, जिन्हें मुस्लिम समुदाय का एक भी वोट प्राप्त नहीं हुआ. उन्होंने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, "जिन लोगों ने मुझे वोट देकर जिताया है, उन्हीं का मुझ पर अधिकार है. मैं यह बात किसी बंद कमरे में नहीं बल्कि लाइव मंच से सबके सामने बोल रहा हूं." विधायक के इस बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत माना जा रहा है और विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. यह भी पढ़े: VIDEO: MP में BJP सांसद जनार्दन मिश्रा का विवादित बयान, ‘अब लड़कियां भी शराब पीने लगी हैं’, कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर प्रदेश सरकार को घेरा
MLA रितेश तिवारी का विवादित बयान
Newly elected @BJP4India Bengal MLA Ritesh Tiwari openly declares : “I vow never to work for Muslims, never give Muslims a single certificate, will do nothing for Muslims. Instead I will do sabka hisaab.” Disgustingly open hatred for Muslims on display from Tiwarji. Bengal’s… pic.twitter.com/DP7X0ovPQG
— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) May 13, 2026
बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक सत्ता वापसी
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 294 सीटों में से 208 पर जीत दर्ज की है. इस बड़ी जीत के साथ ही राज्य में 15 सालों से सत्ता पर काबिज अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 79 सीटों पर सिमट गई है. पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब भाजपा की सरकार बनी है और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ रहा विरोध
रितेश तिवारी के इस भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद आम जनता और विपक्षी नेताओं ने उनकी तीखी आलोचना शुरू कर दी है. आलोचकों का कहना है कि एक विधायक पूरे निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधि होता है, चाहे किसी ने उसे वोट दिया हो या नहीं. संवैधानिक रूप से विधायक किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता. इस मामले में अब तक भाजपा आलाकमान या मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि और तनाव
काशीपुर-बेलगाछिया जैसे शहरी क्षेत्रों में चुनावी परिणाम काफी ध्रुवीकृत रहे हैं. जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से राज्य में सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है. बंगाल की राजनीति में आए इस बड़े बदलाव के बीच अब सरकार के सामने अपने सभी नागरिकों को समान रूप से साथ लेकर चलने की बड़ी चुनौती है.













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