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8th Pay Commission: न्यूनतम वेतन 65,000 और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग; कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने रखा प्रस्ताव

8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत कर्मचारी संघों ने वेतन ढांचे में बड़े बदलाव की मांग की है. संगठनों ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन को 65,000 रुपये से ऊपर रखने का प्रस्ताव दिया है.

8th Pay Commission: न्यूनतम वेतन 65,000 और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग; कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने रखा प्रस्ताव
8वां वेतन आयोग (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 12 मई: भारत के करीब 1.15 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) (8th CPC) की प्रक्रिया अब एक निर्णायक चरण में पहुंच गई है. विभिन्न कर्मचारी महासंघों (Employees' Federations) ने देश के वेतन और पेंशन (Salaries and Pensions) ढांचे में आमूलचूल बदलाव के लिए एक साझा मोर्चा खोल दिया है. इस सिलसिले में 13-14 मई 2026 को नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर शुरू होने वाला है, जो भविष्य के संशोधित वेतनमान की रूपरेखा तय करेगा. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग में ‘फैमिली यूनिट’ फॉर्मूले को 3 से 5 करने की मांग, जानें केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?

न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर बड़ा दावा

नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) JCM, महाराष्ट्र पुरानी पेंशन संगठन और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने रिकॉर्ड वेतन वृद्धि की मांग पेश की है. संगठनों का कहना है कि वर्तमान मुद्रास्फीति और जीवन यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए न्यूनतम वेतन ₹65,000 से ₹69,000 के बीच होना चाहिए.

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यूनियनें 3.83 से अधिक के 'फिटमेंट फैक्टर' (वह गुणक जिससे 7वें वेतनमान को 8वें में बदला जाता है) की वकालत कर रही हैं. यह पिछले वेतन आयोगों की तुलना में एक बड़ी छलांग है.

विभिन्न संगठनों की प्रमुख प्राथमिकताएं

हालांकि वित्तीय मांगें समान हैं, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों के संगठनों ने अपनी विशिष्ट जरूरतों पर जोर दिया है:

पेंशन सुधार और वेतन ढांचे में बदलाव

सभी प्रस्तावों में एक साझा विषय पेंशन प्रणाली का व्यापक पुनर्गठन है. यूनियनें न केवल मूल वेतन, बल्कि वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) की दर को भी मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5-6 प्रतिशत करने पर जोर दे रही हैं. महासंघों का तर्क है कि चूंकि वेतन आयोग हर दस साल में एक बार आता है, इसलिए कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और प्रमोशन प्रणाली को सरल बनाने के लिए पूरे ढांचे का 'ओवरहाल' करना अनिवार्य है.

क्या होगा अगला कदम?

8वां वेतन आयोग फिलहाल इन प्रस्तावों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय और विभागीय हितधारकों के आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है. हालांकि 13 मई से शुरू हो रही ये बैठकें बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उम्मीद है कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें 2027 के मध्य तक ही सौंपेगा। देशभर के सरकारी कर्मचारी इन बैठकों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यहीं से संकेत मिलेगा कि सरकार कर्मचारियों की आक्रामक मांगों और राजकोषीय स्थिरता के बीच कैसे संतुलन बनाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2026 08:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).