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Radhakrishnan Pillai Dies: 'कॉर्पोरेट चाणक्य' डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई का निधन, मंगलुरु में दिल का दौरा पड़ने से 50 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली

प्रसिद्ध लेखक, वक्ता और लीडरशिप कोच डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई का सोमवार रात मंगलुरु में निधन हो गया. 50 वर्षीय डॉ. पिल्लई को आधुनिक प्रबंधन में प्राचीन चाणक्य नीति को लागू करने के लिए जाना जाता था.

Radhakrishnan Pillai Dies: 'कॉर्पोरेट चाणक्य' डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई का निधन, मंगलुरु में दिल का दौरा पड़ने से 50 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली
डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई का निधन (Photo Credits: File Image)

Radhakrishnan Pillai Dies: भारत के प्रमुख प्रबंधन गुरु और विख्यात लेखक डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई (Dr. Radhakrishnan Pillai) का सोमवार रात, 11 मई को मंगलुरु (Mangaluru) में कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) (दिल का दौरा) के कारण निधन हो गया. वह 50 वर्ष के थे. प्राचीन रणनीतिकार आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) की शिक्षाओं को आधुनिक कॉर्पोरेट जगत के लिए सरल बनाने वाले डॉ. पिल्लई के आकस्मिक निधन से शैक्षणिक और साहित्यिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. यह भी पढ़ें: CBSE Class 12 Result 2026 Update: सीबीएसई 12वीं के परिणाम जल्द होंगे जारी, cbse.gov.in पर एक क्लिक में ऐसे करें अपना रिजल्ट चेक

'आधुनिक चाणक्य' की विरासत

डॉ. पिल्लई ने अपने करियर में 24 पुस्तकें लिखीं, जिनमें उनकी "चाणक्य" श्रृंखला पूरे भारत में बेस्टसेलर रही. उनकी विशेषता प्राचीन ऐतिहासिक ग्रंथों को आधुनिक नेतृत्व (Leadership) और प्रबंधन के व्यावहारिक पाठों में बदलने की थी. उन्होंने प्राचीन इतिहास और समकालीन कॉर्पोरेट रणनीति का ऐसा मेल पेश किया कि वे साहित्य उत्सवों और कॉर्पोरेट सेमिनारों में सबसे पसंदीदा वक्ता बन गए. विशेष रूप से युवा पेशेवरों और स्टार्टअप संस्थापकों के बीच उनकी लोकप्रियता काफी अधिक थी.

शैक्षणिक योगदान और विशेषज्ञता

एक लोकप्रिय लेखक होने के साथ-साथ डॉ. पिल्लई दर्शनशास्त्र के एक प्रतिष्ठित विद्वान भी थे. उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी, जहाँ उनके शोध का मुख्य विषय कौटिल्य का 'अर्थशास्त्र' था. उनके शैक्षणिक कौशल के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली और वे 'हिंदू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका' जैसे संस्थानों से भी जुड़े रहे. सहयोगियों के बीच वे वैश्विक व्यापार संदर्भ में पारंपरिक भारतीय ज्ञान को पुनर्जीवित करने के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे.

जैको पब्लिशिंग हाउस ने राधाकृष्णन पिल्लई के निधन पर व्यक्त किया शोक

नेतृत्व पर अंतिम विचार

अपने निधन से कुछ समय पहले डॉ. पिल्लई ने सोशल मीडिया पर एक अंतिम संदेश साझा किया था, जो नेतृत्व के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है. अपनी आखिरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "नेतृत्व का मतलब शीर्ष पर होना नहीं है, जो गुरु द्वारा निर्देशित हो. नहीं, इसका अर्थ केंद्र (Centre) में होना है।" उनका यह संदेश भारतीय परंपरा के माध्यम से शक्ति को पुनर्परिभाषित करने के उनके जीवन भर के मिशन का एक मर्मस्पर्शी सारांश है.

डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई की सोशल मीडिया पर आखिरी पोस्ट

साहित्यिक और कॉर्पोरेट जगत स्तब्ध

डॉ. पिल्लई के निधन की खबर ने उनके प्रशंसकों और छात्रों को झकझोर दिया है. वह अक्सर कॉलेज परिसरों और सार्वजनिक सभाओं में अपनी आकर्षक और प्रभावशाली भाषण शैली के लिए देखे जाते थे. उनके परिवार द्वारा इस सप्ताह के अंत में मुंबई में अंतिम संस्कार और शोक सभा के विवरण साझा किए जाने की संभावना है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2026 06:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).