8th Pay Commission Update: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) ने अपनी गतिविधियों को तेज करते हुए 13 और 14 मई को राष्ट्रीय राजधानी में परामर्श बैठकों का एक महत्वपूर्ण दौर निर्धारित किया है. इन बैठकों में मुख्य रूप से रेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले संगठनों और यूनियनों के साथ संवाद किया जाएगा. आयोग का यह कदम डेटा जुटाने और कर्मचारियों की मांगों को समझने की दिशा में एक बड़ा चरण माना जा रहा है.
पेंशनभोगियों और सक्रिय कर्मियों पर रहेगा ध्यान
आयोग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, इन सत्रों में रेलवे और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के वर्तमान कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों की चिंताओं को प्राथमिकता दी जाएगी. इन बैठकों का उद्देश्य अंतिम सिफारिशें तैयार करने से पहले वेतनमान, भत्तों और सेवा शर्तों के संबंध में विभिन्न प्रस्तावों का मूल्यांकन करना है. इससे देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों पर सीधा असर पड़ेगा.
आवेदन की अंतिम तिथि 10 मई
आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने की इच्छा रखने वाली संस्थाओं और संघों को 10 मई तक आधिकारिक पोर्टल (nicforms.nic.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागियों को ही बैठक के समय और स्थान की निजी तौर पर जानकारी दी जाएगी. आवेदन के लिए संगठनों को अपने पहले जमा किए गए ज्ञापन की "मेमो आईडी" (Memo ID) देना अनिवार्य है.
किन मुख्य मुद्दों पर होगी चर्चा?
नई दिल्ली में होने वाले इन सत्रों में रेलवे और रक्षा निकायों को अपनी विशिष्ट मांगों को सीधे आयोग के नेतृत्व के सामने रखने का औपचारिक मंच मिलेगा. चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:
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वेतन संरचना: वर्तमान वेतन स्तर और फिटमेंट फैक्टर के पुनर्गठन के प्रस्ताव.
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पेंशन संशोधन: सेवानिवृत्त लोगों के लिए जीवन यापन की लागत और पेंशन लाभ का डेटा.
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सेवा मानक: रक्षा और रेलवे उद्योग से संबंधित कार्य स्थितियों और तकनीकी भत्तों पर इनपुट.
8वें वेतन आयोग की अब तक की प्रगति
8वें वेतन आयोग का गठन आधिकारिक तौर पर 3 नवंबर 2025 को किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य वेतन संशोधन और फिटमेंट फैक्टर जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करना है. आयोग से उम्मीद की जा रही है कि वह अपनी स्थापना के लगभग 18 महीने बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगा. इससे पहले 28 अप्रैल को आयोग ने नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC-JCM) के साथ अपनी पहली औपचारिक बैठक की थी.
डीए में वृद्धि और वित्तीय प्रभाव
आयोग का कार्य ऐसे समय में चल रहा है जब केंद्रीय कैबिनेट ने अप्रैल में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी है. इससे डीए की दर मूल वेतन का 60 प्रतिशत हो गई है, जिससे 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को राहत मिली है. दिल्ली की बैठक के बाद आयोग 18-19 मई को हैदराबाद और जून की शुरुआत में श्रीनगर का दौरा भी करेगा.












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