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8th Pay Commission Latest News: 8वें वेतन आयोग को लेकर जानें 1st से 7th CPC तक कैसे बढ़ती गई सरकारी कर्मचारियों की सैलरी

8वें वेतन आयोग के गठन की सुगबुगाहट के बीच, भारत में वेतन आयोगों का इतिहास और 1946 से अब तक हुए बदलावों पर एक विस्तृत रिपोर्ट. जानें 2026 में कर्मचारियों की क्या उम्मीदें हैं.

8th Pay Commission Latest News: 8वें वेतन आयोग को लेकर  जानें 1st से 7th CPC तक कैसे बढ़ती गई सरकारी कर्मचारियों की सैलरी

8th Pay Commission Latest News:  भारत में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. 7वें वेतन आयोग का 10 साल का चक्र 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है, जिससे 1 जनवरी, 2026 से नए वेतन ढांचे की उम्मीद जताई जा रही है. 1946 में बने पहले वेतन आयोग से लेकर आज तक, केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में भारी बदलाव आए हैं. यह सफर महज 35 रुपये के न्यूनतम वेतन से शुरू होकर आज 18,000 रुपये तक पहुंच चुका है.

शुरुआती दौर: ₹35 से ₹750 तक का सफर

केंद्रीय वेतन आयोग की यात्रा आजादी से ठीक पहले शुरू हुई थी. श्रीनिवास वरदाचारी की अध्यक्षता में प्रथम वेतन आयोग (1946) ने न्यूनतम वेतन 35 रुपये प्रति माह तय किया था.  यह भी पढ़े:  8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब 31 मई तक जमा कर सकेंगे सुझाव और मांगें

  • द्वितीय वेतन आयोग (1959): न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 80 रुपये किया गया.

  • तृतीय वेतन आयोग (1973): पहली बार महंगाई भत्ते (DA) की अवधारणा पेश की गई, जिसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़ा गया.

  • चतुर्थ वेतन आयोग (1986): न्यूनतम वेतन को 375 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया गया.

आर्थिक सुधारों का युग: 5वां और 6वां वेतन आयोग

20वीं सदी के अंत में भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ वेतन में बड़े उछाल देखे गए:

  • 5वां वेतन आयोग (1996): इसने न्यूनतम वेतन को सीधे 2,550 रुपये तक पहुंचा दिया.

  • 6वां वेतन आयोग (2006): यह एक बड़ा टर्निंग पॉइंट था. इसमें 'पे बैंड' और 'ग्रेड पे' की शुरुआत हुई और न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये तय किया गया.

वर्तमान ढांचा: 7वां वेतन आयोग और 'पे मैट्रिक्स'

2016 में लागू हुए 7वें वेतन आयोग ने ग्रेड पे सिस्टम को खत्म कर 'पे मैट्रिक्स' की शुरुआत की.

  • इसके तहत न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये निर्धारित किया गया.

  • वेतन वृद्धि के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया.

  • इसमें यह भी प्रावधान था कि जब महंगाई भत्ता (DA) बेसिक पे का 50% पार कर जाए, तब वेतन की समीक्षा की जानी चाहिए. हाल ही में DA 50% के आंकड़े को छू चुका है.

8वें वेतन आयोग से क्या हैं उम्मीदें?

हालांकि सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग पर औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन कर्मचारी यूनियनों ने अपनी मांगें रखनी शुरू कर दी हैं:

  1. उच्च फिटमेंट फैक्टर: उम्मीद जताई जा रही है कि फिटमेंट फैक्टर 2.81 से 3.68 के बीच हो सकता है.

  2. न्यूनतम वेतन में वृद्धि: कयास लगाए जा रहे हैं कि न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये या उससे अधिक हो सकता है.

  3. DA का विलय: कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि वर्तमान महंगाई भत्ते को मूल वेतन (Basic Pay) में मिला दिया जाए.

आगामी वेतन आयोग के सामने 48 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनभोगियों की वित्तीय जरूरतों और देश के बजट के बीच संतुलन बनाने की एक जटिल चुनौती होगी.


(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2026 04:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).