यह निर्णय कर्मचारी संगठनों की शीर्ष संस्था, नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के अनुरोध के बाद लिया गया है. कई संगठनों ने तकनीकी कारणों और अधिक विस्तृत डेटा जुटाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी. यह भी पढ़े: 8th Pay Commission Update: दिल्ली में पहली बैठक खत्म, कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी और पेंशन सुधार की उठाई मांग
केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार होंगे ज्ञापन
8वें वेतन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव और ज्ञापन केवल आधिकारिक पोर्टल 8cpc.gov.in के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे. आयोग ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार की हार्ड कॉपी, ईमेल, पीडीएफ या एमएस वर्ड (MS Word) फाइल पर विचार नहीं किया जाएगा.
हितधारकों को पोर्टल पर दिए गए एक 'स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट' (निर्धारित प्रारूप) में ही अपनी जानकारी भरनी होगी. आयोग का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया से सुझावों का विश्लेषण तेजी से और अधिक सटीकता के साथ किया जा सकेगा.
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें और फिटमेंट फैक्टर
कर्मचारी यूनियनों ने वेतन और भत्तों में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. वर्तमान में चर्चा के केंद्र में निम्नलिखित बिंदु हैं:
-
न्यूनतम वेतन: संगठनों की मांग है कि न्यूनतम मूल वेतन को वर्तमान ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 किया जाए.
-
फिटमेंट फैक्टर: कर्मचारी संगठन 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जबकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह 2.85 के आसपास रह सकता है.
-
पुरानी पेंशन योजना (OPS): एनपीएस (NPS) के बजाय पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग अभी भी प्रमुखता से उठाई जा रही है.
बैठकों का नया शेड्यूल जारी
8वें वेतन आयोग ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है. सुझाव प्राप्त करने के बाद, आयोग मई और जून 2026 में देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगा:
-
हैदराबाद: 18-19 मई, 2026.
-
श्रीनगर: 1-4 जून, 2026.
-
लद्दाख: 8 जून, 2026.
इन बैठकों में शामिल होने के लिए कर्मचारी संगठनों को 16 मई तक आधिकारिक पोर्टल पर अपॉइंटमेंट बुक करना अनिवार्य है.
कब तक लागू हो सकता है नया वेतन?
नया वेतन आयोग आमतौर पर हर 10 साल में लागू होता है. हालांकि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जानी चाहिए, लेकिन रिपोर्ट तैयार करने के लिए आयोग को 18 महीने का समय दिया गया है. संभावना जताई जा रही है कि नई वेतन संरचना 2027 की शुरुआत में पूरी तरह लागू हो पाएगी. अच्छी बात यह है कि देरी होने की स्थिति में कर्मचारियों को पिछले बकाया (Arrears) का लाभ मिलेगा.
वर्तमान में, सरकार ने 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि की है, जो नई व्यवस्था लागू होने तक जारी रहेगी. कर्मचारी अब 31 मई की समय सीमा का उपयोग अपनी मांगों को और अधिक मजबूती से रखने के लिए कर सकते हैं.













QuickLY