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Oil PSU: पेट्रोल-डीजल कीमतों से राहत देने के लिए रोजाना 550 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं सरकारी तेल कंपनियां

मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता, पीएसयू तेल कंपनियों का अनुशासित संचालन और केंद्र व राज्यों के बीच समन्वय देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है.

Oil PSU: पेट्रोल-डीजल कीमतों से राहत देने के लिए रोजाना 550 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं सरकारी तेल कंपनियां
पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ीं (Photo Credits: File Image)

Oil PSU: केंद्र सरकार के निर्देश पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां (PSUs) पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर रोजाना करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में आई भारी बढ़ोतरी का पूरा बोझ घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है. Indian OMCs: तेल विपणन कंपनियों ने नहीं कमाया संकट का फायदा, उपभोक्ताओं के हित में किया काम, आंकड़ों में दावा

मंत्रालय के अनुसार, यह राहत खासतौर पर आम उपभोक्ताओं, दोपहिया वाहन चालकों और किसानों को ध्यान में रखकर दी जा रही है. हालांकि यह सुविधा औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए नहीं है, क्योंकि इंडस्ट्रियल खरीदारी में कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय होती हैं.

सरकार ने चेतावनी दी है कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता महंगे औद्योगिक चैनल की बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं. इससे आम नागरिकों के लिए उपलब्ध राहत का गलत फायदा उठाया जा रहा है और कई जगहों पर कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा हो सकती है.

मंत्रालय ने बताया कि निजी तेल विपणन कंपनियों की डीजल बिक्री में इस महीने लगभग 38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, क्योंकि उन्होंने ऊंची दरें तय की हैं. इसके चलते अधिकतर ग्राहक पीएसयू रिटेल आउटलेट्स की ओर शिफ्ट हो गए हैं. वहीं पीएसयू कंपनियों के बल्क कस्टमर वॉल्यूम में भी करीब 29 फीसदी की कमी आई है, जो अब खुदरा आउटलेट्स की तरफ बढ़ रहा है.

सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उद्योग संगठनों से अपने सदस्यों को नियमों और उनके उल्लंघन के परिणामों के बारे में जागरूक करने को कहा है. इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विशेष जांच दल बनाने और जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध स्टॉकिंग और रिटेल सप्लाई के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है.

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है. भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है, जिसकी कुल रिफाइनिंग क्षमता 258.1 मिलियन टन प्रति वर्ष है. वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू खपत 243.2 मिलियन टन रही, जबकि इसी अवधि में 61.5 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया गया.

मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता, पीएसयू तेल कंपनियों का अनुशासित संचालन और केंद्र व राज्यों के बीच समन्वय देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 27, 2026 11:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).