Crocodile Attack: बहराइच में घाघरा नदी किनारे हाथ-पैर धो रहे 12 साल के बच्चे को खींच ले गया मगरमच्छ, जिंदा चबाया; 5 घंटे बाद मिला क्षत-विक्षत शव

बहराइच: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बहराइच (Bahraich) जिले के बौंडी थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है. जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित एक गांव में गुरुवार की शाम घाघरा नदी (Ghaghra River) के किनारे हाथ-पैर धो रहे 12 वर्षीय एक बच्चे को मगरमच्छ (Crocodile) ने अपने जबड़ों में दबोच लिया. परिजनों और ग्रामीणों के भारी विरोध के बावजूद मगरमच्छ बच्चे को गहरे पानी में खींच ले गया और उसे जिंदा निगल गया. इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे का एक कथित वीडियो शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और वन विभाग में हड़कंप मच गया है. थाना प्रभारी (SHO) टी. एन. मौर्या ने घटना की पुष्टि की है. यह भी पढ़ें: Mumbai Crocodile Rescue Video: मुंबई के पवई झील के पास रिहायशी इलाके में घुसा 7 फीट लंबा मगरमच्छ, कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू

धान की रोपाई के बाद नदी किनारे गया था मासूम

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, अनाथ बच्चा सुनील (12) गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे अपने चाचा विजय राज सिंह के साथ खेत में धान की रोपाई करने गया था. करीब तीन से चार घंटे तक खेत में काम करने के बाद, शाम को घर लौटते समय दोनों हाथ-पैर धोने के लिए घाघरा नदी के किनारे रुके.

सुनील जैसे ही पानी के पास पहुंचा, नदी में घात लगाकर बैठे एक विशालकाय मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया और उसकी कमर को अपने शक्तिशाली जबड़ों में जकड़ लिया. सुनील की चीख सुनकर उसके चाचा तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़े.

10 मिनट तक खिंचाव की जंग, चाचा के हाथ से छूटा हाथ

ग्राम प्रधान संजय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि भतीजे को मगरमच्छ के जबड़े में फंसा देख चाचा विजय राज सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी. उन्होंने सुनील का हाथ पकड़ लिया और उसे बाहर खींचने की कोशिश करने लगे. शोर सुनकर दौड़े अन्य ग्रामीणों ने भी पानी में उतरकर चाचा का हाथ पकड़ा और पूरी ताकत से बच्चे को बाहर खींचने लगे.

यह खौफनाक संघर्ष करीब 10 मिनट तक चलता रहा. ग्रामीण मगरमच्छ पर लाठी-डंडों और पत्थरों से वार कर रहे थे, लेकिन उसने बच्चे को नहीं छोड़ा. अंत में मगरमच्छ ने पानी के भीतर एक जोरदार झटका दिया, जिससे सुनील का हाथ उसके चाचा की गिरफ्त से छूट गया और मगरमच्छ उसे गहरे पानी में खींच ले गया. मगरमच्छ ने पानी की सतह पर बच्चे को दो से तीन बार हवा में उछाला और फिर ओझल हो गया.

बहराइच में मगरमच्छ ने 12 साल के लड़के को ज़िंदा खाया (विचलित करने वाले दृश्य)

5 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद मिला आधा खाया शव

घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया. अंधेरा होने के बावजूद ग्रामीणों ने मशालों, टॉर्च और बांस के डंडों की मदद से तेज बहाव वाली घाघरा नदी में करीब 500 मीटर के दायरे में खोजबीन जारी रखी.

रात करीब 10 बजे, घटना के लगभग 5 घंटे बाद, घटनास्थल से 300 मीटर दूर सुनील का क्षत-विक्षत शव पानी में तैरता हुआ मिला. वन क्षेत्राधिकारी (Forest Ranger) साकिब अंसारी ने बताया कि मगरमच्छ ने बच्चे का दाहिना पैर और कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह खा लिया था. शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

माता-पिता को पहले ही खो चुका था सुनील, सरकार ने की मुआवजे की घोषणा

इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि मृतक सुनील के सिर पर माता-पिता का साया पहले ही उठ चुका था. उसकी मां का सात साल पहले और पिता बुधराज का पांच साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था. चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का सुनील पढ़ाई छोड़ चुका था और अपने चाचा के साथ रहकर खेती में हाथ बंटाता था. उसकी बड़ी बहन सुमन (14), छोटा भाई संजय (10) और सबसे छोटी बहन सीमा (7) गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं.

इस भयावह प्राकृतिक हादसे पर संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) प्रकाश सिंह ने बताया कि राजस्व टीम ने मौके का मुआयना कर लिया है. पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाते हुए सरकार की आपदा राहत योजना के तहत ₹4 लाख की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की गई है. वन विभाग ने भी ग्रामीणों को नदी के गहरे पानी और किनारों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी है.