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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को क्या हैं उम्मीदें? फिटमेंट फैक्टर, फैमिली पेंशन और समानता को लेकर उठाई बड़ी मांगें

8वें वेतन आयोग के गठन के बाद देश के लगभग 69 लाख केंद्रीय पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स पेंशन संशोधन को लेकर अपनी मांगों को मुखर कर रहे हैं. पेंशनभोगी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने, पुरानी और नई पेंशन में समानता लाने तथा महंगाई राहत (DR) को हर तीन महीने में संशोधित करने जैसे प्रमुख प्रस्ताव आयोग को सौंपे हैं.

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को क्या हैं उम्मीदें? फिटमेंट फैक्टर, फैमिली पेंशन और समानता को लेकर उठाई बड़ी मांगें
8वां वेतन आयोग (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की परामर्श प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (Ranjana Prakash Desai) की अध्यक्षता में गठित यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन भत्तों के साथ-साथ पेंशन ढांचे की भी समीक्षा कर रहा है. देश के लगभग 69 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी (Family Pensioners) यह जानने को उत्सुक हैं कि नई सिफारिशों में उनकी पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी.

भारत पेंशनर्स समाज (BPS) और रेलवे सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) समेत कई प्रमुख पेंशनभोगी संगठनों ने आयोग को अपने विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पेंशन संशोधन, फिटमेंट फैक्टर और समानता से जुड़ी मांगें उठाई हैं. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission ने कंसल्टेंट भर्ती के नियमों में किया बदलाव, जानें योग्यता, रिक्तियां, सैलरी और आवेदन की अंतिम डेट

7वें वेतन आयोग से अब तक का सफर

केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र (Terms of Reference - ToR) को मंजूरी दिए जाने के बाद इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है. आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.

विदित हो कि प्रत्येक दस वर्ष में वेतन आयोग का गठन किया जाता है। वर्ष 2016 में लागू 7वें वेतन आयोग में 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर पेंशन संशोधित की गई थी. फिलहाल केंद्र सरकार 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के तहत ही महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) में बढ़ोतरी कर रही है.

पेंशनभोगी संगठनों की प्रमुख मांगें

विभिन्न पेंशनर संगठनों ने आयोग के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं:

  • फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम पेंशन: रेलवे सीनियर सिटिजन्स वेलफेयर सोसाइटी ने बढ़ती चिकित्सा लागत और जीवनयापन खर्च को ध्यान में रखते हुए 15 से 2.50 के फिटमेंट फैक्टर और ₹20,000 न्यूनतम पेंशन की मांग की है। वहीं भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर के साथ न्यूनतम मूल वेतन ₹69,000 और न्यूनतम पेंशन ₹45,000 निर्धारित करने का आग्रह किया है.
  • पुराने और नए पेंशनर्स के बीच समानता (Parity): संगठनों की सबसे बड़ी मांग यह है कि 1 जनवरी 2026 से पहले और बाद में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के बीच कोई भेदभाव न किया जाए. इसके लिए 1983 के ऐतिहासिक 'डी.एस. नकारा बनाम भारत संघ' मामले के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर पेंशनभोगियों में कृत्रिम विभाजन नहीं किया जा सकता.
  • फैमिली पेंशन में सुधार: पारिवारिक पेंशन को अंतिम आहरित वेतन (Last Pay Drawn) का 50% करने और बढ़ी हुई दर पर मिलने वाली फैमिली पेंशन की अवधि को बढ़ाने की मांग की गई है. साथ ही, अतिरिक्त पेंशन वृद्धि की पात्रता आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया गया है.
  • DR का संशोधन और विलय: पेंशनर्स चाहते हैं कि महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को छह महीने के बजाय हर तीन महीने के औसत पर संशोधित किया जाए. साथ ही DR के 25% पार होते ही उसे मूल पेंशन में मर्ज करने और हर 5 साल में वेतन समीक्षा की व्यवस्था की मांग की गई है.
  • अन्य सुविधाएं: पेंशनभोगियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA), लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC), फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) में वृद्धि और स्वायत्त निकायों के पेंशनर्स को भी समान लाभ देने की अपील की गई है.

सरकारी रुख और तकनीकी शब्दावली पर ऐतराज

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पहले स्पष्ट किया था कि कार्यक्षेत्र की शब्दावली चाहे जो भी हो, वेतन आयोग के तहत पेंशन और फैमिली पेंशन का संशोधन स्वतः ही प्रक्रिया का हिस्सा होता है.

हालांकि, रक्षा कर्मचारी संघ (AIDEF) और कर्मचारी महासंघों ने कार्यक्षेत्र में प्रयुक्त शब्दावली 'गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की अनफंडेड लागत' (Unfunded cost of non-contributory pension schemes) को हटाने की मांग की है. कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत पेंशन कोई वित्तीय बोझ नहीं, बल्कि सरकारी सेवा का संवैधानिक अधिकार है.

आगे क्या होगा?

आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम फिटमेंट फैक्टर और संशोधित पेंशन फॉर्मूला स्पष्ट हो सकेगा. हालांकि यह तय माना जा रहा है कि जब भी सिफारिशें लागू होंगी, पेंशनभोगियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर (बकाया राशि) का भुगतान किया जाएगा। तब तक वर्तमान व्यवस्था के तहत ही महंगाई राहत का समायोजन जारी रहेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2026 12:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).