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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के सामने CSS फोरम ने उठाई मांग; CGEIS के तहत बढ़े इंश्योरेंस कवर और अंशदान, 'CSS शील्ड' पहल को मिला समर्थन

केंद्रीय सचिवालय सेवा फोरम ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से केंद्र सरकार कर्मचारी समूह बीमा योजना के तहत अंशदान और बीमा राशि में बढ़ोतरी करने की सिफारिश करने की मांग की है। फोरम का कहना है कि मौजूदा वित्तीय परिस्थितियों और बाजार में उपलब्ध उच्च बीमा कवरेज को देखते हुए मौजूदा सीमाओं की समीक्षा आवश्यक है. इसके साथ ही, सेवारत अधिकारियों के निधन पर उनके परिजनों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए फोरम की पहल 'सीएसएस शील्ड' को केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का समर्थन मिला है.

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के सामने CSS फोरम ने उठाई मांग; CGEIS के तहत बढ़े इंश्योरेंस कवर और अंशदान, 'CSS शील्ड' पहल को मिला समर्थन
8वां वेतन आयोग (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते तथा सेवा शर्तों की समीक्षा के लिए गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के समक्ष कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को रखना तेज कर दिया है. इसी क्रम में केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) (Central Secretariat Service) फोरम ने आयोग से केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना (CGEIS) के तहत मासिक अंशदान और बीमा सुरक्षा राशि (Sum Assured) में उल्लेखनीय वृद्धि करने का आग्रह किया है.

सीएसएस अधिकारियों के संगठन ने कहा कि यह कदम सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को अचानक उत्पन्न होने वाले संकट के समय मजबूत वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से अत्यंत आवश्यक है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: दशहरे से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की सीमा बढ़ाने की मांग, यूनियनों ने रखा ₹21,000 का प्रस्ताव

बाजार की जरूरतों के अनुरूप CGEIS में बढ़ोतरी की मांग

सीएसएस फोरम ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लागू बीमा योजना काफी पुरानी दरों पर आधारित है:

  • बदलती वित्तीय आवश्यकताएं: फोरम के अनुसार, मौजूदा आर्थिक परिवेश, मुद्रास्फीति और बाजार में उपलब्ध आधुनिक बीमा उत्पादों को देखते हुए वर्तमान CGEIS सीमाओं की समीक्षा अनिवार्य हो चुकी है.
  • परिजनों के लिए सुरक्षा कवच: बीमा कवर और अंशदान में वृद्धि से कर्मचारियों के परिवारों को असामयिक नुकसान की स्थिति में वास्तविक वित्तीय संबल मिल सकेगा.
  • 8वें वेतन आयोग से अपेक्षाएं: केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद यह मांग ऐसे समय में आई है जब आयोग कर्मचारियों के वेतन संरचना और सामाजिक सुरक्षा लाभों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा कर रहा है.

दिवंगत अधिकारियों के परिजनों के लिए 'CSS शील्ड' पहल

फोरम ने सेवा के दौरान जान गंवाने वाले अधिकारियों के परिवारों की सहायता के लिए 'CSS शील्ड' (CSS Shield) नामक एक विशेष कल्याणकारी तंत्र शुरू किया है:

  • केंद्रीय मंत्री का समर्थन: 5 सितंबर को केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास सहकर्मियों के परिवारों के साथ खड़े होने की एक नई संस्कृति का निर्माण करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तंत्र को लागू करना कठिन नहीं है, इसके लिए सामूहिक इच्छाशक्ति सबसे महत्वपूर्ण है.
  • कम से कम ₹15 लाख की सहायता: इस पहल के तहत पीड़ित परिवार को न्यूनतम ₹15 लाख की वित्तीय सहायता दी जा रही है. वर्तमान में सीएसएस संवर्ग में लगभग 13,000 सदस्य हैं और फोरम का लक्ष्य अंशदान बढ़ने के साथ इस सहायता राशि को और बढ़ाने का है.
  • शिक्षा और छात्रवृत्ति: फोरम ने बच्चों की रियायती शिक्षा के लिए कई संस्थानों के साथ एमओयू (MoU) किए हैं. वर्ष 2020 से अब तक सीएसएस अधिकारी 65-70 दिवंगत कर्मियों के परिवारों को स्वैच्छिक रूप से लगभग 30 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान कर चुके हैं.

दिल्ली-एनसीआर में CGHS से जुड़े 207 अस्पताल

स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर भी केंद्रीय कर्मचारियों को राहत मिली है. सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) ने हाल ही में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 207 निजी अस्पतालों को अपने पैनल में शामिल (Empanel) किया है:

  • अस्पतालों का वर्गीकरण: इसमें 190 मल्टी-स्पेशियलिटी और 17 सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल शामिल हैं.
  • तीन वर्ष की वैधता: सीजीएचएस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार यह सूचीबद्धता 10 जून 2029 तक यानी तीन वर्षों के लिए मान्य रहेगी.
  • प्रमुख संस्थान: पैनल में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी (वैशाली), यशोदा मेडिसिटी (इंदिरापुरम), मेदांता द मेडिसिटी (गुरुग्राम), अमृता हॉस्पिटल (फरीदाबाद), फोर्टिस (शालीमार बाग), एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट (ओखला) और एक्शन कैंसर अस्पताल (पश्चिम विहार) जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल शामिल हैं.
  • कैशलेस और विशेषज्ञ उपचार: इस कदम से सीजीएचएस कार्डधारक कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों के लिए कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा सुलभ हो गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 07, 2026 01:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).