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8th Pay Commission: दशहरे से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की सीमा बढ़ाने की मांग, यूनियनों ने रखा ₹21,000 का प्रस्ताव

दशहरा पर्व से ठीक पहले केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से बोनस गणना की सीमा 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग की है.

8th Pay Commission: दशहरे से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की सीमा बढ़ाने की मांग, यूनियनों ने रखा ₹21,000 का प्रस्ताव

8th Pay Commission Update: आगामी दशहरा और दिवाली त्योहारों से पहले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वार्षिक बोनस को लेकर कर्मचारी संगठनों ने हलचल तेज कर दी है. नेशनल काउंसिल - संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने केंद्र सरकार से उत्पादकता से जुड़े बोनस (PLB) और तदर्थ (Ad-hoc) बोनस की गणना सीमा को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की औपचारिक मांग की है.

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 'मजदूरी संहिता, 2019' (Code on Wages, 2019) के तहत जारी हालिया अधिसूचनाओं के बाद यह मांग सामने आई है. यूनियनों का तर्क है कि जब केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतन मानकों को संशोधित किया है, तो कर्मचारियों के बोनस की गणना भी उसी अनुपात में होनी चाहिए.   यह भी पढ़े:   th Pay Commission: सीपीसी की समय सीमा से पहले महंगाई भत्ता 67% तक पहुंचने का अनुमान

श्रम मंत्रालय की नई अधिसूचना और बोनस का गणित

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मजदूरी संहिता की धारा 26 के तहत दो महत्वपूर्ण अधिसूचनाएं जारी की हैं. इसके अनुसार, यदि किसी पात्र कर्मचारी का मासिक वेतन 7,000 रुपये से अधिक है, तो उसके बोनस की गणना 7,000 रुपये या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी (जो भी अधिक हो) के आधार पर की जाएगी.

पहले केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस की सीमा 7,000 रुपये के निश्चित पैमाने पर टिकी हुई थी. हालांकि, नए नियमों के बाद कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान में केंद्रीय स्तर पर न्यूनतम मजदूरी ढांचा लगभग 21,000 रुपये प्रति माह के स्तर पर पहुंच चुका है. ऐसे में पुरानी 7,000 रुपये की सीमा प्रासंगिक नहीं रह जाती.

क्षेत्र-विशिष्ट न्यूनतम मूल वेतन को आधार बनाने की मांग

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINSPEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने मांग रखी है कि सरकार को प्रत्येक क्षेत्र के लिए निर्धारित न्यूनतम मूल वेतन (Basic Salary) को ही बोनस गणना का आधार बनाना चाहिए.

उन्होंने गणितीय गणना साझा करते हुए स्पष्ट किया कि यदि सरकार पे मैट्रिक्स के लेवल 1 के न्यूनतम 18,000 रुपये के मूल वेतन को आधार मानती है, तो कुल बोनस (18,000 × 30 ÷ 30.4) के हिसाब से लगभग 17,763 रुपये होना चाहिए. इसी प्रकार, लेवल 6 के कर्मचारी के लिए न्यूनतम बेसिक पे 35,400 रुपये के आधार पर सांकेतिक बोनस लगभग 34,934 रुपये बनता है.

दशहरे से पहले प्रशासनिक आदेश जारी करने की अपील

एनसी-जेसीएम (NC-JCM) के सचिव शिव गोपाल मिश्र ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि त्योहारों से पहले प्रशासनिक आदेश जारी किए जाएं. पत्र में उल्लेख किया गया है कि यदि बोनस सीमा 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये की जाती है, तो कर्मचारियों का अनुमानित बोनस वर्तमान के लगभग 6,908 रुपये से बढ़कर लगभग 20,724 रुपये हो जाएगा.

8वें वेतन आयोग के गठन की सुगबुगाहट के बीच कर्मचारी संगठनों का मानना है कि त्योहारों से ठीक पहले बोनस सीमा में संशोधन से लाखों गैर-राजपत्रित केंद्रीय कर्मचारियों, रेलवे, डाक और रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी. फिलहाल इस संबंध में वित्त मंत्रालय और संबंधित विभागों के आधिकारिक निर्णय का इंतजार किया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2026 02:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).