Cyclone Alert: अंडमान सागर में बना डिप्रेशन हुआ और गहरा; म्यांमार तट से टकराने के बाद बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा 'डीप डिप्रेशन', जानिए क्या है चक्रवात 'अर्नब' की स्थिति
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह मौसमी तंत्र सोमवार रात म्यांमार तट को पार कर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और अगले दो दिनों में पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी से होते हुए दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश की ओर पहुंचेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में इसके चक्रवाती तूफान में बदलने के संकेत नहीं हैं और समुद्र क्षेत्र के लिए कोई गंभीर तूफान चेतावनी जारी नहीं की गई है.
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नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर पर केंद्रित डिप्रेशन तीव्र होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है.
यह सिस्टम तेजी से म्यांमार तट की ओर बढ़ रहा है और सोमवार शाम या रात के दौरान यांगून (Yangon) और क्याइक्तो (Kyaikto) के बीच तटीय क्षेत्र को पार करने की संभावना है. यह भी पढ़ें: Cyclone Arnab Alert: बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन गहरे दबाव में बदलने को तैयार; 24 सितंबर की सुबह विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच लैंडफॉल का अनुमान
म्यांमार तट पार कर बंगाल की खाड़ी की ओर रुख
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार दोपहर 11:30 बजे यह वेदर सिस्टम 16.4° उत्तरी अक्षांश और 97.3° पूर्वी देशांतर के पास केंद्रित था:
- दूरी और स्थिति: यह सिस्टम मवलाम्याइन से लगभग 40 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, यांगून से 130 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और अंडमान द्वीप समूह के मायाबंदर से 610 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित था.
- आगे का रास्ता: म्यांमार के तटीय इलाकों से टकराने के बाद यह तंत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ेगा. अगले 48 घंटों के दौरान यह म्यांमार के तटीय भागों, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी को छूते हुए बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से की ओर बढ़ेगा.
- तूफान की चेतावनी नहीं: आईएमडी के समुद्री बुलेटिन के अनुसार, इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की तत्काल संभावना नहीं है, हालांकि समुद्र में हलचल को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
पहले टल चुका है चक्रवात 'अर्नब' का सीधा खतरा
हाल के दिनों में बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) को लेकर बनी आशंकाएं पहले ही कमजोर पड़ चुकी हैं:
- नामकरण की प्रक्रिया: 'अर्नब' नाम उत्तर हिंद महासागर चक्रवात नामकरण सूची का हिस्सा है. मौसम विज्ञान के नियमों के अनुसार, किसी भी सिस्टम को आधिकारिक तौर पर यह नाम तभी दिया जाता है जब हवाओं की रफ्तार कम से कम 62 से 88 किमी प्रति घंटे (चक्रवाती तूफान की श्रेणी) तक पहुंच जाए.
- ओडिशा में बारिश से नुकसान: इससे पहले बना डिप्रेशन चक्रवात बने बिना ही तटीय ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को प्रभावित करने के बाद धीमा पड़ गया था. हालांकि, उस सिस्टम के कारण हुई भारी बारिश से ओडिशा के 10 जिलों में 73,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए थे.
अर्नब से जुड़ा खतरा टलने के बाद IMD ने म्यांमार के ऊपर गहरे डिप्रेशन की चेतावनी दी
The Depression over north Andaman Sea & adjoining Myanmar coast moved north-northwestwards with a speed of 10 kmph during past 3 hours, intensified into a deep depression and lay centred at 1130 hrs IST of today, the 28th September 2026 over the same region near latitude 16.4°N… pic.twitter.com/E53iXp3AxE
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 28, 2026
उत्तर प्रदेश में कमजोर पड़ा सिस्टम, राहत कार्य जारी
इस बीच, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार कई दिनों की मूसलाधार बारिश के बाद बनी बाढ़ जैसी स्थिति में कुछ सुधार के संकेत हैं:
- राज्य के ऊपर बना डिप्रेशन रविवार को कमजोर होकर 'वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया' (Well-marked Low Pressure Area) में बदल गया, जिससे बारिश की तीव्रता में कमी आई है.
- भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते राज्य के कई जिलों में कच्चे मकानों, ग्रामीण सड़कों, बिजली के खंभों और फसलों को नुकसान पहुंचा है. जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार तैनात हैं.
आईएमडी ने बताया है कि वह म्यांमार से बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ रहे नए डीप डिप्रेशन के प्रभाव और इसके कारण पूर्वोत्तर भारत तथा तटीय क्षेत्रों में होने वाले संभावित मौसमी बदलावों पर लगातार नजर बनाए हुए है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 28, 2026 07:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

