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LPU Violence: 'हमसे जो बोलने को कहा, वही बोला'; एलपीयू के सफाई वाले वीडियो पर छात्राओं का यू-टर्न, बिना सहमति वीडियो ट्रिम करने का आरोप

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की अफवाहों के बाद भड़की व्यापक हिंसा के बीच नया मोड़ आ गया है. गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली जिन तीन छात्राओं का वीडियो जारी कर विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसी भी घटना से इनकार किया था, उन्हीं छात्राओं ने एक नया वीडियो जारी कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

LPU Violence: 'हमसे जो बोलने को कहा, वही बोला'; एलपीयू के सफाई वाले वीडियो पर छात्राओं का यू-टर्न, बिना सहमति वीडियो ट्रिम करने का आरोप
A screengrab of the video shared by Lovely Professional University (Photo Credits: X/@lpuuniversity)

फगवाड़ा/जालंधर: पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से जुड़े कथित दुष्कर्म मामले पर छात्रों के उग्र प्रदर्शन, आगजनी और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम के बाद कैंपस में तनाव बना हुआ है. इस बीच स्थिति को शांत करने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी किया गया एक स्पष्टीकरण वीडियो ही विवादों के केंद्र में आ गया है.

गर्ल्स हॉस्टल की जिन तीन छात्राओं को वीडियो में सामने लाकर यह दावा कराया गया था कि उनके कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई, उन्होंने अब पलटवार करते हुए विश्वविद्यालय पर दबाव बनाकर बयान दिलवाने और बिना सहमति अधूरा वीडियो पोस्ट करने का आरोप लगाया है. यह भी पढ़ें: Ranchi Gangrape: झारखंड के रांची में 20 वर्षीय युवती से गैंगरेप, हैवानों ने खेत में ले जाकर लूटी अस्मत

विश्वविद्यालय ने जारी किया था कमरा नंबर 504 का वीडियो

कैंपस में फैली अफवाहों और छात्रों के भारी आक्रोश को शांत करने के लिए एलपीयू के आधिकारिक इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी का एक वीडियो साझा किया गया था:

  • रजिस्ट्रार का बयान: वीडियो में डॉ. मोनिका गुलाटी ने गर्ल्स हॉस्टल 3 (GH3) के कमरा नंबर 504 की छात्राओं का परिचय कराते हुए कहा था कि छात्राएं स्वयं बताएंगी कि सच्चाई क्या है.
  • छात्राओं का पूर्व बयान: उस वीडियो क्लिप में पहली छात्रा ने कहा कि वे तीनों पिछले दो महीने से उस कमरे में रह रही हैं और वहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. दूसरी छात्रा ने प्रदर्शनकारी छात्रों से उन्हें परेशान न करने और पुलिस से बार-बार कमरे में न आने की अपील की थी.
  • विश्वविद्यालय ने इस वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर चल रही दुष्कर्म और आत्महत्या की खबरों को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया था.

LPU ने छात्रों का वीडियो जारी किया, कहा - गलत नैरेटिव यहीं खत्म होता है

छात्राओं का नया खुलासा: "सिखाया गया बयान, आधा वीडियो किया पोस्ट"

विश्वविद्यालय द्वारा वीडियो जारी किए जाने के कुछ ही समय बाद तीनों छात्राओं ने एक अन्य वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम की पोल खोल दी:

  • निर्देशित बयानबाजी का आरोप: एक छात्रा ने कहा, "हमें पहले से बताया गया था कि क्या बोलना है. हमसे कहा गया कि आप ऐसा बोलिए कि 'बच्चे हमें बार-बार परेशान कर रहे हैं.' हमने सिर्फ वही दोहराया जो हमें बोलने के लिए कहा गया था."
  • बिना सहमति ट्रिमिंग और ट्रोलिंग: छात्रा ने आगे आरोप लगाया, "हमारा आधा वीडियो काटकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया गया, जिसकी हमें कोई भनक तक नहीं थी। हमसे कोई सहमति (Consent) नहीं ली गई. इस वीडियो के आने के बाद लोग हमें गालियां दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर अश्लील टिप्पणियां की जा रही हैं."
  • मामले से कोई संबंध नहीं: छात्राओं ने गुहार लगाते हुए स्पष्ट किया कि एक रैंडम कमरे के तौर पर उनके रूम का नाम घसीट लिया गया, जबकि इस पूरे विवाद या घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है; इसलिए उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए.

छात्रों ने नए वीडियो में स्पष्टीकरण दिया

कैंपस में भारी तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम

इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि हॉस्टल परिसर में एक निर्माण श्रमिक (कंस्ट्रक्शन वर्कर) ने एक छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया:

  • छात्रों का आरोप था कि हॉस्टल वार्डन ने पुलिस को सूचित करने के बजाय पीड़िता पर घर जाने का दबाव बनाया, जहां कथित तौर पर उसने आत्महत्या कर ली.
  • इन दावों के बाद शनिवार देर रात करीब 2,000 छात्र सड़कों पर उतर आए. आक्रोशित भीड़ ने प्रशासनिक इमारतों के शीशे तोड़े, गमले फेंके, आगजनी की और जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को कई घंटों तक पूरी तरह जाम कर दिया.

पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई

Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे:

  • एसआईटी का गठन: पुलिस ने निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और प्रदर्शनकारी छात्रों के पांच प्रतिनिधियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया है.
  • अफवाह और साक्ष्यों की पड़ताल: पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हॉस्टल परिसर, सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या हाल ही में कृषि विभाग के पास हुई किसी अन्य मौत के पुराने वीडियो को इस कथित घटना से जोड़कर अफवाह फैलाई गई.
  • क्लास और परीक्षाएं स्थगित: तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मिड-टर्म परीक्षाओं को टाल दिया है और 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 28, 2026 01:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).