Jio World Plaza Incident: मुंबई के जियो वर्ल्ड प्लाजा में फर्जी PMO कार्ड और हथियार के साथ जबरन घुसने का मामला; पुलिस ने कहा- पीएम मोदी के कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित अपमार्केट शॉपिंग मॉल 'जियो वर्ल्ड प्लाजा' में संदिग्ध सरकारी पहचान पत्र और लाइसेंसी हथियार के साथ सुरक्षाकर्मियों से उलझकर जबरन प्रवेश करने के मामले में पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसा है. घटना के बाद सुरक्षा महकमे में मची हलचल के बीच मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह एक अलग और छिटपुट घटना थी और इसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे या उनके आधिकारिक कार्यक्रमों से कोई सीधा संबंध नहीं है.
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मुंबई: बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित लक्जरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जियो वर्ल्ड प्लाजा (Jio World Plaza) में सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर और विवाद कर जबरन प्रवेश करने के मामले में मुंबई पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है. पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि सोमवार, 7 सितंबर को घटी यह घटना एक अलग मामला था और इसका मंगलवार को आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीकेसी कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है.
पुलिस ने मुख्य संदिग्ध रोहन पारेख और उसके निजी अंगरक्षक दिलीप कुंदे को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. स्थानीय अदालत ने रोहन पारेख को 11 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. यह भी पढ़ें: Rohan Parekh Arrest: पीएम मोदी के दौरे से पहले पकड़े गए रोहन पारेख को मिला था फर्जी PMO ऑफर लेटर? वकील का दावा- ठगी का शिकार हुआ आरोपी
सुरक्षाकर्मियों से बहस और जबरन प्रवेश का प्रयास
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम उस समय हुई जब तीन संदिग्धों ने जियो वर्ल्ड प्लाजा के भीतर दाखिल होने की कोशिश की:
- डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर पर चेकिंग: जांच के दौरान सुरक्षा जांच तंत्र (DFMD) पर अंगरक्षक के पास हथियार का पता चला.
- फर्जी क्रेडेंशियल्स की नुमाइश: मॉल के सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर मुख्य आरोपी रोहन पारेख ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी होने का दावा किया और फोन पर एक डिजिटल सरकारी पहचान पत्र दिखाया.
- सुरक्षाकर्मियों से विवाद: पहचान पत्र पर पदनाम और वैधता अवधि न होने को लेकर जब गार्ड्स ने सवाल पूछे, तो आरोपियों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ तीखी बहस की और जबरन सुरक्षा घेरा पार कर अंदर घुसने का प्रयास किया.
- मॉल प्रबंधन की शिकायत: मॉल प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए बीकेसी पुलिस स्टेशन को औपचारिक शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई कर संदिग्धों को हिरासत में ले लिया.
पुलिस का स्पष्टीकरण: 'पीएम के दौरे से जुड़ा मामला नहीं'
मंगलवार को पास के ही जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन प्रस्तावित था, जिसके चलते सोशल मीडिया पर इस सुरक्षा घटना को वीवीआईपी दौरे से जोड़कर देखा जाने लगा था:
- वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का बयान: मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्थिति साफ करते हुए कहा, "यह घटना सोमवार को शॉपिंग प्लाजा में हुई थी. यह पूरी तरह से एक अलग (Isolated) घटना है. सुरक्षाकर्मी के पास मिला हथियार वैध और लाइसेंसी पाया गया है. इस पूरे मामले का माननीय प्रधानमंत्री के मुंबई दौरे से कोई संबंध नहीं है."
- क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था: पुलिस ने दोहराया कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा पूरी तरह अभेद्य और सख्त रखा गया है.
बीकेसी थाने में एफआईआर, क्राइम ब्रांच कर रही है जांच
बीकेसी पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:
- दर्ज धाराएं: पुलिस ने लोक सेवक का प्रतिरूपण करने (धारा 204), सरकारी पहचान दस्तावेजों से जुड़ी जालसाजी (धारा 337), छल (धारा 319) और दस्तावेजों के प्रमाणीकरण से जुड़े प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
- क्राइम ब्रांच की पड़ताल: मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) को सौंपी गई है. जांच दल इस बात की पुष्टि करने में जुटा है कि रोहन पारेख को पीएमओ का फर्जी पहचान पत्र और लेटरहेड किसने मुहैया कराए थे और क्या वह किसी संगठित ठगी गिरोह का शिकार हुआ था.
पुलिस इस मामले में शामिल तीसरे संदिग्ध प्रथमेश बागुल की भूमिका की भी जांच कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 08, 2026 09:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

