Rohan Parekh Arrest: पीएम मोदी के दौरे से पहले पकड़े गए रोहन पारेख को मिला था फर्जी PMO ऑफर लेटर? वकील का दावा- ठगी का शिकार हुआ आरोपी
बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में फर्जी पीएमओ आईडी कार्ड और हथियारबंद बॉडीगार्ड के साथ पकड़े गए 24 वर्षीय रोहन पारेख को लेकर अदालत में नया मोड़ सामने आया है. मंगलवार को मुंबई की एक स्थानीय अदालत में सुनवाई के दौरान पारेख के वकील ने दावा किया कि उनका मुवक्किल कोई जानबूझकर धोखाधड़ी करने वाला फर्जी अधिकारी नहीं, बल्कि खुद एक सुनियोजित ठगी का शिकार हुआ है.
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मुंबई: बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार 24 वर्षीय रोहन पारेख को स्थानीय अदालत ने 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
मंगलवार, 8 सितंबर को अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि पारेख कोई पेशेवर जालसाज नहीं है, बल्कि वह खुद एक बड़े फर्जीवाड़े का शिकार (Victim of Fraud) हुआ है. वकील ने दलील दी कि पारेख को फर्जी आधिकारिक संचार और नियुक्ति पत्रों के जरिए यह विश्वास दिलाया गया था कि वह वास्तव में पीएमओ के लिए काम कर रहा है. यह भी पढ़ें: Security Breach In Mumbai: पीएम मोदी के मुंबई कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा में सेंध की कोशिश; फर्जी PMO अफसर और हथियारबंद बॉडीगार्ड हिरासत में
अदालत में बचाव पक्ष की दलील: 'पीएम के फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र मिला था'
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत के समक्ष कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत करने का दावा किया:
- तरुण कपूर नामक व्यक्ति से संपर्क: वकील ने बताया कि पारेख से 'तरुण कपूर' नामक व्यक्ति ने संपर्क किया था और उसे पीएमओ से जुड़ी एक भूमिका की पेशकश की थी.
- फर्जी ऑफर लेटर और ईमेल: आरोपी को 'डिफेंस एक्विजिशन पॉलिसी' को लेकर तरुण गुप्ता नामक व्यक्ति से ईमेल और 'प्रधानमंत्री के अतिरिक्त सचिव' के नाम से पत्राचार प्राप्त हुए थे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री के कथित हस्ताक्षर वाला एक पत्र और नियुक्ति पत्र भी भेजा गया था.
- आईडी कार्ड केवल स्क्रीनशॉट के रूप में मिला: वकील ने रेखांकित किया कि पारेख को कभी भी पीएमओ का कोई भौतिक (Physical) पहचान पत्र जारी नहीं किया गया था; उसे केवल व्हाट्सएप/डिजिटल माध्यम से आईडी कार्ड का एक स्क्रीनशॉट भेजा गया था.
- 2024 से रखा था बॉडीगार्ड: गणित और विज्ञान से बीएससी (Sc.) स्नातक पारेख को कथित निर्देशों के तहत सुरक्षा कारणों से बॉडीगार्ड नियुक्त करने को कहा गया था, जिसे उसने दिसंबर 2024 से सही मानकर अपने साथ रखा हुआ था.
रोहन पारेख को 11 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया
The two arrested accused have been identified as Rohan Premal Parikh (24) and Dilip Raja Kunde (49). They have been sent to Police custody till September 11. https://t.co/SqIWIn9RIe
— ANI (@ANI) September 8, 2026
मॉल में क्यों आया था रोहन पारेख?
बचाव पक्ष ने सोमवार, 7 सितंबर को उच्च सुरक्षा वाले परिसर में पारेख की मौजूदगी की वजह भी स्पष्ट की:
- व्यक्तिगत काम का दावा: वकील के मुताबिक, पारेख किसी आधिकारिक या वीवीआईपी कार्यक्रम के इरादे से नहीं आया था. पीठ दर्द की समस्या से जूझ रहा पारेख अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदने मॉल पहुंचा था.
- जांच में सहयोग: जब सुरक्षाकर्मियों ने उससे पूछताछ की, तो उसने पूरा सहयोग किया और अपने सभी डिजिटल चैट, ईमेल व संपर्क विवरण जांच अधिकारी को सौंप दिए.
कैसे हुआ था सुरक्षा में चूक का खुलासा?
यह मामला सोमवार को उस समय खुला जब पारेख का निजी सुरक्षाकर्मी (बॉडीगार्ड) दिलीप कुंदे मेटल डिटेक्टर (DFMD) से गुजर रहा था.
- हथियार के साथ पकड़ा गया: कुंदे के पास एक लाइसेंसी बंदूक पाई गई, जिस पर मॉल के सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया.
- संदिग्ध पहचान पत्र: सुरक्षाकर्मी के बुलाने पर पारेख वापस प्रवेश द्वार पर आया और मोबाइल पर 'ग्रेड-सी पीएमओ अधिकारी' का डिजिटल पहचान पत्र दिखाया.
- आईडी में भारी खामियां: सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि कार्ड पर जारी होने की तारीख तो थी लेकिन कोई वैधता अवधि (Expiry Date) नहीं थी, और जारीकर्ता के हस्ताक्षर के नीचे कोई आधिकारिक पदनाम नहीं लिखा था.
क्राइम ब्रांच कर रही है गिरोह की तलाश; पीएम के कार्यक्रम से संबंध नहीं
मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोमवार को हुई यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक दौरे से सीधे तौर पर जुड़ी हुई नहीं थी. प्रधानमंत्री मंगलवार शाम को पास के जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करने वाले थे.
बीकेसी पुलिस स्टेशन में लोक सेवक का प्रतिरूपण करने (Impersonation) और हथियार के साथ गैरकानूनी प्रवेश की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच अब उन संदिग्धों—तरुण कपूर और अन्य—की तलाश में जुट गई है, जिन्होंने पारेख को फर्जी पत्र और आईडी कार्ड भेजकर इस जाल में फंसाया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 08, 2026 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

