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8th Pay Commission: 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी? जानें लेवल 1 से 18 तक के वेतन का पूरा गणित

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के तहत यदि 7वें वेतन आयोग की तरह 2.57 फिटमेंट फैक्टर बरकरार रखा जाता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मूल वेतन में 2.57 गुना बढ़ोतरी होगी. इससे न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये से बढ़कर 46,260 रुपये प्रति माह हो सकता है.

8th Pay Commission: 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी? जानें लेवल 1 से 18 तक के वेतन का पूरा गणित

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों और पेंशनभोगियों के वेतन तथा पेंशन में संशोधन के लिए गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. आयोग इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में कर्मचारी संगठनों और हितधारकों के साथ परामर्श प्रक्रिया पूरी कर रहा है.

इन बैठकों में सबसे ज्यादा ध्यान 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) पर है, जो कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय करने का मुख्य आधार होता है. यदि आयोग 7वें वेतन आयोग के 2.57 फिटमेंट फैक्टर के फॉर्मूले को ही दोहराता है, तो पे मैट्रिक्स के सभी स्तरों पर कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक पे लगभग 2.57 गुना बढ़ जाएगा.  यह भी पढ़े: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में देरी से लेवल-7 कर्मचारियों को ₹3.32 लाख तक का नुकसान! HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर पड़ सकता है बड़ा असर

लेवल-वाइज वेतन अनुमान (2.57 फिटमेंट फैक्टर पर आधारित)

केंद्रीय पे मैट्रिक्स के अनुसार 2.57 के मल्टीप्लायर (Multiplier) पर 6वें, 7वें और प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग के तहत मूल वेतन की तुलना इस प्रकार है:

पे मैट्रिक्स लेवल 6ठा वेतन आयोग बेसिक 7वां वेतन आयोग बेसिक प्रस्तावित 8वां वेतन आयोग (2.57 फैक्टर)
लेवल 1 ₹7,000 ₹18,000 ₹46,260
लेवल 3 ₹8,444 ₹21,700 ₹55,769
लेवल 7 ₹17,471 ₹44,900 ₹1,15,393
लेवल 10 ₹21,829 ₹56,100 ₹1,44,177
लेवल 13 ₹47,899 ₹1,23,100 ₹3,16,367
लेवल 18 ₹97,276 ₹2,50,000 ₹6,42,500

फिटमेंट फैक्टर क्या है और इसकी मांग?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) होता है, जिसका उपयोग पुरानी बेसिक सैलरी को नई पे मैट्रिक्स दरों में बदलने के लिए किया जाता है. इसी संशोधित बेसिक पे के आधार पर महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और पेंशन लाभों की गणना की जाती है.

7वें वेतन आयोग में 2.57 गुणांक लागू करने से न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये प्रति माह हुई थी. वर्तमान में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने 1.83 से लेकर 3.83 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है.

कौन-कौन हैं आयोग के पैनल में?

8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. उनके साथ पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन (सदस्य-सचिव) और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के प्रोफेसर पुलक घोष सदस्य के रूप में शामिल हैं.

यह समिति वेतन संरचना, भत्तों, पेंशन समानता और पदोन्नति नियमों का गहराई से अध्ययन कर रही है. बेंगलुरु, मुंबई, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में क्षेत्रीय बैठकें आयोजित कर हितधारकों से सिफारिशें जुटाई जा रही हैं.

कब तक लागू हो सकती हैं सिफारिशें?

आयोग का औपचारिक गठन होने के बाद इसे अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी गई है, जो लगभग मई 2027 तक पूरी होगी. आयोग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी और अधिसूचना की आवश्यकता होगी.

विभिन्न मंत्रालयों, रेलवे डिवीजनों और रक्षा प्रतिष्ठानों में इसके पूर्ण कार्यान्वयन की प्रक्रिया में समय लगता है, हालांकि संशोधित वेतनमानों के लागू होने की संभावित प्रभावी तिथि (Retrospective Date) 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, जिसके तहत कर्मचारियों को बकाये (Arrears) का भुगतान किया जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 13, 2026 04:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).