सावन का तीसरा सोमवार श्रद्धालुओं के लिए बना काला दिन, बिहार और पश्चिम बंगाल में हादसों में 14 लोगों की मौत
सावन महीने का तीसरा सोमवार आस्था में लीन श्रद्धालुओं के लिए दुखद साबित हुआ. बिहार के लखीसराय और पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में हुए दो अलग-अलग हादसों में कुल 14 श्रद्धालुओं की जान चली गई. बिहार के अशोक धाम मंदिर परिसर के बाहर मची भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई,
सावन महीने का तीसरा सोमवार आस्था में लीन श्रद्धालुओं के लिए दुखद साबित हुआ. बिहार के लखीसराय और पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में हुए दो अलग-अलग हादसों में कुल 14 श्रद्धालुओं की जान चली गई. बिहार के अशोक धाम मंदिर परिसर के बाहर मची भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि पश्चिम बंगाल के तारापीठ स्थित एक निजी होटल में भीषण आग लगने से 7 श्रद्धालुओं की जान चली गई. दोनों स्थानों पर पुलिस और प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं.
अशोक धाम मंदिर में बैरिकेड टूटने और अफवाह से भगदड़
बिहार के लखीसराय जिले स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर के पास सुबह-सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी. सावन के सोमवार को जलाभिषेक के लिए तड़के से ही लंबी कतारें लगी हुई थीं. लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के अनुसार, सुबह करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच दो ट्रेनों के हॉल्ट पर पहुंचने के बाद अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया.
इसी दौरान बिजली का एक खंभा गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह उड़ गई. अफवाह फैलते ही मची अफरा-तफरी के कारण एक तरफ का सुरक्षा बैरिकेड टूट गया. लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े, जिससे 7 महिलाओं की दम घुटने और दबने से मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग घायल हो गए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए घायलों के त्वरित इलाज के निर्देश दिए हैं.
बंगाल के तारापीठ के होटल में आग लगने से 7 श्रद्धालुओं की मौत
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ तारापीठ में तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ. मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित 'होटल बिदिशिनी' में सुबह लगभग 4:30 बजे भीषण आग लग गई. सावन सोमवार के मौके पर दर्शन के लिए पहुंचे कई श्रद्धालु उस समय होटल में सो रहे थे.
प्राथमिक जांच के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर के रिसेप्शन एरिया में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की और फॉल्स सीलिंग व अन्य ज्वलनशील पदार्थों के कारण घना जहरीला धुआं ऊपरी मंजिलों तक फैल गया. धुएं से दम घुटने और झुलसने के कारण 7 लोगों की मौत हो गई. आपातकालीन निकास के बंद होने के कारण राहत कार्य में मुश्किल आई, लेकिन दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और घायलों को रामपुरहाट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया.
प्रशासनिक जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दोनों ही घटनाओं ने बड़े धार्मिक अवसरों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है. जहां बिहार में अफवाह और अचानक बढ़ी भीड़ के कारण हादसा हुआ, वहीं तारापीठ में होटल के अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) की अनदेखी सामने आई है. दोनों राज्यों के संबंधित स्थानीय प्रशासन ने मामलों की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2026 10:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

