Ashok Dham Temple Stampede: लखीसराय के अशोक धाम मंदिर के पास भगदड़ कैसे मची? जिलाधिकारी ने बताई हादसे की मुख्य वजह; VIDEO
लखीसराय के जिलाधिकारी (DM) शैलेंद्र कुमार ने अस्पताल परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान घटना की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सुबह के समय श्रद्धालुओं की कतार अशोक धाम हॉल्ट तक लंबी हो गई थी. इसी दौरान हॉल्ट पर दो ट्रेनें आकर रुकीं, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या अचानक काफी बढ़ गई.
Ashok Dham Temple Stampede: बिहार के लखीसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर के बाहर सावन के सोमवार को मची भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. यह हादसा उस समय हुआ जब मंदिर परिसर और आसपास हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए एकत्र हुए थे. जिला प्रशासन और पुलिस बल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है.
अचानक बिजली का खंभा गिरने से फैली अफवाह
लखीसराय के जिलाधिकारी (DM) शैलेंद्र कुमार ने अस्पताल परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान घटना की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सुबह के समय श्रद्धालुओं की कतार अशोक धाम हॉल्ट तक लंबी हो गई थी. इसी दौरान हॉल्ट पर दो ट्रेनें आकर रुकीं, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या अचानक काफी बढ़ गई. यह भी पढ़े: Bihar Stampede: सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के लखीसराय में बड़ा हादसा, अशोक धाम मंदिर के पास भगदड़ में 7 लोगों की मौत, कई घायल; VIDEOS
DM ने बताई कैसे हुआ हादसा
#WATCH | Lakhisarai DM Shailendra Kumar says, "The queue of devotees had reached till Ashokdham Halt. Two trains had stopped at the Halt. Suddenly, an electric pole fell there. The pole was located on the right side of the men's queue. When the pole collapsed, a rumour spread… https://t.co/utto4M8r8c pic.twitter.com/Q14X6PVLmX
— ANI (@ANI) August 17, 2026
जिलाधिकारी के अनुसार, पुरुषों की लाइन के दाहिनी तरफ स्थित एक बिजली का खंभा अचानक नीचे गिर गया. खंभा गिरते ही वहां मौजूद लोगों के बीच यह अफवाह फैल गई कि जीवित बिजली का तार (लाइव वायर) गिर गया है, जबकि वह महज एक केबल वायर था. Current फैलने की इस अफवाह के कारण अफरा-तफरी मच गई.
महिलाओं की कतार पर बढ़ा दबाव
खंभा और तार गिरने की अफवाह के बाद पुरुषों की कतार की तरफ से दबाव बाईं ओर स्थित महिलाओं की लाइन पर आ गया. डर के मारे लोग जान बचाने के लिए भागने लगे, जिससे महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़ीं और यह हादसा भगदड़ में बदल गया.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन तड़के 3 बजे से ही फ्लैग मार्च कर रहा था और सुरक्षा व्यवस्था तैनात थी. यह पूरी घटना महज 2 मिनट के भीतर अचानक घटी, जिससे संभालने का मौका नहीं मिल सका.
मृतकों में सभी महिलाएं शामिल, जांच जारी
प्रशासन ने पुष्टि की है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 7 लोग महिलाएं हैं. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फिलहाल सदर अस्पताल में मौजूद हैं और मृतकों की पहचान के साथ-साथ सही आंकड़ों की पुष्टि करने में जुटे हैं. घायलों का समुचित इलाज कराया जा रहा है और स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2026 09:23 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

