Baba Siddique Murder Case: पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है. पुलिस प्रशासन ने सिद्दीकी की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल श्याम सोनावने को 'कर्तव्य में लापरवाही' (Dereliction of Duty) के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया है. यह निर्णय एक विस्तृत विभागीय जांच के बाद लिया गया है, जिसमें सोनावने को उस रात अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल पाया गया.
क्या है पूरा मामला?
12 अक्टूबर 2024 की रात को बांद्रा स्थित अपने विधायक पुत्र जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. मुंबई पुलिस की संरक्षण और सुरक्षा शाखा (Protection and Security branch) से जुड़े कांस्टेबल श्याम सोनावने उस समय सिद्दीकी के अंगरक्षक (Bodyguard) के रूप में तैनात थे. घटना के तुरंत बाद सोनावने को निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई थी. यह भी पढ़े: Baba Siddique Murder Case: बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पुलिस का बड़ा एक्शन, 26 आरोपियों पर लगाया गया मकोका एक्ट
जांच में दोषी पाए गए सोनावने
विभागीय जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि सोनावने ने हमले के दौरान न तो हमलावरों को रोकने की कोशिश की और न ही अपनी ड्यूटी के प्रति सतर्कता दिखाई. उन्हें 'घोर लापरवाही' और 'गैर-जिम्मेदाराना आचरण' का दोषी माना गया. जांच पूरी होने के बाद सोनावने को कारण बताओ नोटिस (Show-cause Notice) जारी कर पूछा गया था कि उन्हें सेवा से क्यों न हटाया जाए. उनके जवाब से संतुष्ट न होने पर पुलिस विभाग ने उन्हें बर्खास्तगी का पत्र जारी कर दिया.
2 मई को स्वीकार किया बर्खास्तगी पत्र
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सोनावने ने 2 मई 2026 को अपना बर्खास्तगी पत्र स्वीकार कर लिया है. अब वह पुलिस बल का हिस्सा नहीं हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई बल के अन्य कर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की वर्तमान स्थिति
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड ने मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे. इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें शूटर और उन्हें मदद पहुंचाने वाले शामिल हैं. पुलिस इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका की भी जांच कर रही है. कांस्टेबल की बर्खास्तगी को इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर की गई सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.
बाबा सिद्दीकी महाराष्ट्र की राजनीति का एक बड़ा चेहरा थे और उन्हें वाई-श्रेणी (Y-category) से कम स्तर की सुरक्षा प्राप्त थी. उनकी हत्या के बाद राज्य सरकार ने सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे.













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