Bihar DA Hike News: बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित कैबिनेट की पहली महत्वपूर्ण बैठक में महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है. इस फैसले से प्रदेश के लगभग 9 लाख सेवारत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय इजाफा होगा.
सातवें, छठे और पांचवें वेतन आयोग के लिए नई दरें
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, सातवें केंद्रीय वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा, छठे वेतनमान के कर्मियों के लिए डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत और पांचवें वेतनमान के कर्मियों के लिए 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया है. यह सभी बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू मानी जाएंगी. यह भी पढ़े: DA Hike Update: केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार का तोहफा, कैबिनेट ने डीए में 2 फीसदी बढ़ोतरी को दी मंजूरी, जानें सैलरी में कितना होगा इजाफा
कैबिनेट बैठक में 18 एजेंडों पर लगी मुहर
सम्राट कैबिनेट की इस बैठक में केवल डीए ही नहीं, बल्कि कुल 18 महत्वपूर्ण एजेंडों पर सहमति बनी है. सरकार ने स्पष्ट किया कि महंगाई भत्ते में इस वृद्धि का मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बनाए रखना है. मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में नेतृत्व कर रहे सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में यह बैठक विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित रही.
विकास योजनाओं के लिए लिया जाएगा ऋण
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक बड़ा वित्तीय निर्णय भी लिया गया है. राज्य सरकार को इस वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 72,901 करोड़ रुपये तक का ऋण लेने की अनुमति दी गई है. इसमें से 64,141 करोड़ रुपये बाजार ऋण (Market Loan) के रूप में जुटाए जाएंगे. इस राशि का उपयोग बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य प्रमुख विकास योजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा.
पेंशनरों को भी मिली बड़ी राहत
डीए में हुई इस बढ़ोतरी का लाभ सिर्फ वर्तमान कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि राज्य के लाखों पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत (DR) के रूप में मिलेगा. इससे उनकी मासिक पेंशन राशि बढ़ जाएगी, जिससे उन्हें वित्तीय सुरक्षा मिलेगी. सरकार के इस कदम को आगामी चुनावों और प्रशासनिक संतुष्टि के नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है.













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