PM Modi Fuel Saving Appeal: ईंधन बचत को लेकर पीएम मोदी की अपील, प्रधानमंत्री के बाद अमित शाह ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम की; VIDEO
केंद्रीय गहमंत्री अमित शाह (Photo Credit: X Formerly Twitter)

PM Modi Fuel Saving Appeal:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में सरकारी संसाधनों की बचत और ईंधन संरक्षण के लिए की गई अपील का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपने आधिकारिक काफिले (Convoy) के आकार को आधे से भी कम कर दिया है. बुधवार को गृह मंत्री के आवास से रवाना होते समय उनके काफिले में वाहनों की संख्या पहले की तुलना में काफी सीमित नजर आई.

पीएम मोदी ने पेश किया था उदाहरण

हाल ही में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम की थी. उन्होंने देश के नागरिकों और सरकारी तंत्र से ईंधन बचाने और अनावश्यक खर्चों को कम करने का आग्रह किया था. प्रधानमंत्री के इसी उदाहरण का अनुसरण करते हुए अब गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव किए बिना सहायक वाहनों की संख्या में कटौती की है.

सुरक्षा व्यवस्था और बदलाव

गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, काफिले का आकार छोटा करने का निर्णय ईंधन की बचत और सड़कों पर आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए लिया गया है. हालांकि, गृह मंत्री की सुरक्षा श्रेणी (Z+) और अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है. केवल उन अतिरिक्त वाहनों को हटाया गया है जिनकी उपस्थिति अनिवार्य सुरक्षा घेरे के बाहर थी.

अमित शाह ने काफिले की संख्या कम की

साधारण आवाजाही का संदेश

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि अमित शाह का काफिला अब पहले के मुकाबले काफी छोटा है. विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व द्वारा उठाए गए इस कदम से अन्य मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के बीच भी मितव्ययिता (Austerity) का संदेश जाएगा. केंद्र सरकार लगातार बढ़ते व्यापार घाटे और कच्चे तेल के आयात बिल को कम करने के लिए इस तरह के ऊर्जा संरक्षण उपायों पर जोर दे रही है.

राज्यों के लिए भी परामर्श जारी

केंद्र सरकार ने पहले ही राज्य सरकारों और विभिन्न विभागों को ऊर्जा संरक्षण के संबंध में परामर्श जारी किया है. इसमें आधिकारिक दौरों में वाहनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है. गृह मंत्री का यह निर्णय केंद्र सरकार की उस नीति को और मजबूती प्रदान करता है जिसमें 'वीआईपी संस्कृति' को कम करने और संसाधनों के कुशल उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया है.