Sangli Wall Collapse: महाराष्ट्र के सांगली में भारी बारिश का कहर, मंदिर की दीवार गिरने से 6 श्रद्धालुओं की मौत, PM मोदी ने जताया दुख; VIDEO

 Sangli Wall Collapse:  महाराष्ट्र के सांगली जिले में मंगलवार को मरुगुदेवी मंदिर परिसर में एक बड़ा हादसा हो गया. जत तहसील के मोथेवाड़ी गांव में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मंदिर की दीवार और टिन की छत गिर गई, जिसकी चपेट में आने से छह लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में 14 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. पुलिस के अनुसार, मृतकों में तीन स्थानीय निवासी हैं और अन्य पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बीजापुर के रहने वाले थे.

बारिश से बचने के लिए लिया था सहारा

घटना के समय मंदिर में 'मरुगुबाई देवी यात्रा' चल रही थी, जिसके कारण वहां भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. शाम के समय अचानक शुरू हुई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से बचने के लिए कई लोग मंदिर की एक दीवार और टिन शेड के नीचे खड़े हो गए थे. हवा का दबाव इतना अधिक था कि ढांचा इसे सहन नहीं कर पाया और अचानक ढह गया. मलबे में दबने के कारण घटनास्थल पर ही चीख-पुकार मच गई.  यह भी पढ़े:  Wall Collapse In Ludhiana: पंजाब के लुधियाना में अचानक दीवार गिरी, कई कारें मलबे में दबी, घटना का VIDEO आया सामने

सांगली में भारी बारिश का कहर

स्थानीय लोगों और प्रशासन ने चलाया बचाव अभियान

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. सांगली के पुलिस अधीक्षक तुषार दोषी ने बताया कि उस समय परिसर में लगभग 350 श्रद्धालु मौजूद थे. पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया है. फिलहाल बचाव कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन घायलों में से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.

PM  मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "महाराष्ट्र के सांगली में दीवार गिरने से हुई जनहानि के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ है. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं."

हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रशासनिक जांच और वर्तमान स्थिति

स्थानीय प्रशासन अब मंदिर परिसर की अन्य इमारतों की मजबूती की जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. इस अचानक हुई आपदा से पूरे गांव और श्रद्धालु समुदाय में मातम पसरा हुआ है. अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है.