National Technology Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को 'राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस' (National Technology Day) के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. इस दौरान उन्होंने 1998 के ऐतिहासिक पोखरण परमाणु परीक्षणों (Historic Pokhran Nuclear Tests) में भारतीय वैज्ञानिकों (Indian Scientists) की कड़ी मेहनत और अटूट समर्पण को गर्व के साथ याद किया. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि वह मील का पत्थर भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था. यह भी पढ़ें: India Successfully Flight-Tests Advanced Agni Missile: ओडिशा तट से भारत ने MIRV तकनीक से लैस एडवांस अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया, DRDO ने हासिल की बड़ी कामयाबी
तकनीक: 'आत्मनिर्भर भारत' का मजबूत स्तंभ
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में तकनीक के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण में एक प्रमुख स्तंभ बन गई है. उन्होंने कहा, "प्रौद्योगिकी नवाचार (Innovation) को गति दे रही है, अवसरों का विस्तार कर रही है और विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र के विकास में योगदान दे रही है. हमारा ध्यान प्रतिभा को सशक्त बनाने, शोध को प्रोत्साहित करने और ऐसे समाधान खोजने पर है जो राष्ट्रीय प्रगति और जन-आकांक्षाओं की सेवा कर सकें."
पोखरण परीक्षणों का ऐतिहासिक महत्व
हर साल 11 मई को भारत में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है. इसी दिन 1998 में राजस्थान के पोखरण रेंज में ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में भारत ने सफल परमाणु परीक्षण किए थे. 'ऑपरेशन शक्ति' के नाम से जाने जाने वाले इन परीक्षणों ने भारत को दुनिया के 'न्यूक्लियर क्लब' में शामिल होने वाला छठा देश बना दिया था. भारत ने 11 मई को तीन और फिर 13 मई को दो अतिरिक्त भूमिगत परीक्षण कर अपनी सैन्य और वैज्ञानिक शक्ति का लोहा मनवाया था.
हंसा-3 और त्रिशूल मिसाइल की सफलता
11 मई का दिन केवल परमाणु परीक्षणों तक ही सीमित नहीं है. इसी दिन भारत के पहले स्वदेशी विमान 'हंसा-3' (Hansa-3) ने बेंगलुरु में सफल उड़ान भरी थी. साथ ही, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा 'त्रिशूल' सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण भी इसी दिन किया गया था. इन उपलब्धियों को देखते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई को 'राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस' के रूप में घोषित किया था, जिसे 1999 से प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है.
भारत ने 'प्रौद्योगिकी दिवस' मनाया; PM मोदी ने पोखरण 1998 टीम की सराहना की
Greetings on National Technology Day. We recall with pride the hard work and dedication of our scientists, which led to the successful tests in Pokhran in 1998. That landmark moment reflected India’s scientific excellence and unwavering commitment.
Technology has become a key…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
यह दिन भारत के वैज्ञानिक समुदाय को श्रद्धांजलि देने और भावी पीढ़ियों को नवाचार के लिए प्रेरित करने का अवसर है. पोखरण-II, हंसा-3 और त्रिशूल जैसी मील के पत्थर वाली उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि राष्ट्र के विकास में तकनीक की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है. यह दिन एक स्थायी और तकनीकी रूप से उन्नत भारत के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करता है.













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