Apple का भारत में बड़ा निवेश: 100 करोड़ रुपये से रोशन होंगे 1.5 लाख घर; क्लीनमैक्स के साथ मिलकर बढ़ाएगा अक्षय ऊर्जा की ताकत
ऐप्पल/ प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 7 मई: अमेरिकी टेक दिग्गज (US Tech Giant) ऐप्पल (Apple) ने भारत में अपनी स्थिरता और कार्बन तटस्थता (Carbon Neutrality) लक्ष्यों को गति देते हुए 100 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है. कंपनी ने गुरुवार को बताया कि यह निवेश भारत में अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा. ऐप्पल इस परियोजना के लिए भारत के प्रमुख अक्षय ऊर्जा डेवलपर्स में से एक 'क्लीनमैक्स' (CleanMax) के साथ सहयोग कर रही है. इस निवेश का उद्देश्य देश भर में 150 मेगावाट से अधिक की नई अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित करना है. यह भी पढ़ें: iPhone 17 Pro Saffron Colour: आईफोन 17 प्रो नए 'भगवा रंग' में हुआ लॉन्च, लोगों ने जोड़ा भारत से कनेक्शन

1.5 लाख घरों को मिलेगी बिजली

ऐप्पल के अनुसार, इस निवेश के माध्यम से विकसित की जाने वाली क्षमता सालाना लगभग 1.5 लाख भारतीय घरों को बिजली देने के लिए पर्याप्त होगी. कंपनी का इरादा आने वाले वर्षों में इस क्षमता को और अधिक विस्तार देने का है. यह कदम एप्पल के उस वैश्विक लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी 2030 तक अपने पूरे फुटप्रिंट और सप्लाई चेन को कार्बन न्यूट्रल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

भारत के प्रति प्रतिबद्धता

ऐप्पल की पर्यावरण और सप्लाई चेन नवाचार की उपाध्यक्ष, सारा चांडलर ने इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा, 'ऐप्पल में पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता नवाचार के लिए एक प्रेरणा शक्ति है. हमें भारत की स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था में अपने प्रयासों का विस्तार करने और देश के बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने पर गर्व है.' यह भी पढ़ें: Apple iPhone 17 Pro Max New Details Leaked: सितंबर 2025 के लॉन्च से पहले एप्पल के नए फोन की डिटेल हुई लीक, यह हो सकती है कीमत

सौर ऊर्जा और प्लास्टिक मुक्त भविष्य

क्लीनमैक्स के साथ एप्पल की यह पहली साझेदारी नहीं है. इससे पहले भी दोनों कंपनियों ने भारत में ऐप्पल के कार्यालयों और रिटेल स्टोरों को 100 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा से संचालित करने के लिए 'रूफटॉप सोलर' प्रोजेक्ट्स पर काम किया है. इसके अलावा, कंपनी ने प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए भी नई पहल शुरू की है. एप्पल अब WWF-India के साथ मिलकर रीसाइक्लिंग और अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) परियोजनाओं पर काम कर रही है, ताकि पारिस्थितिकी तंत्र में प्लास्टिक कचरे के रिसाव को रोका जा सके.

ग्रीन स्टार्टअप्स को समर्थन

पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ एप्पल भारत में हरित उद्यमिता (Green Entrepreneurship) को भी बढ़ावा दे रहा है. कंपनी 'Acumen' के साथ साझेदारी कर उन शुरुआती दौर के ग्रीन उद्यमों को अनुदान और मेंटरशिप प्रदान कर रही है, जो अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्योजी कृषि और सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इन प्रयासों के जरिए एप्पल भारत में एक व्यापक 'क्लीन इकोनॉमी' इकोसिस्टम तैयार करने में मदद कर रही है.