Delhi Mahila Samriddhi Yojana 2026: दिल्ली की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली सरकार (Delhi Government) राष्ट्रीय राजधानी की जरूरतमंद महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 'महिला समृद्धि योजना' (Mahila Samriddhi Yojana) के पंजीकरण की प्रक्रिया जून 2026 से शुरू कर सकती है. इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. यह भी पढ़ें: Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहन योजना पर महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई, सत्यापन अभियान में 69 लाख महिलाएं अपात्र घोषित, नहीं मिलेगा अगली किस्त का लाभ
जून के पहले हफ्ते में लॉन्च हो सकता है पोर्टल
सरकार ने इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए एक समर्पित रजिस्ट्रेशन पोर्टल तैयार कर लिया है. उम्मीद जताई जा रही है कि जून के पहले सप्ताह से यह पोर्टल काम करना शुरू कर देगा. सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार इस योजना को एक नए नाम—'दिल्ली लक्ष्मी योजना'—के साथ लॉन्च कर सकती है. इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत लगभग 17 लाख महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है.
बजट और क्रियान्वयन की चुनौतियां
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मार्च में वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करते हुए इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया था. उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी इतनी ही राशि आवंटित की गई थी, लेकिन योग्य लाभार्थियों के सटीक डेटा की अनुपलब्धता के कारण इसे लागू करने में देरी हुई. अब डेटा संबंधी बाधाओं को दूर कर लिया गया है.
पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने स्पष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं. योजना के लिए केवल उन्हीं महिलाओं के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे जो:
- दिल्ली की स्थायी निवासी हों और उनके पास दिल्ली का वैध आधार नंबर हो.
- गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की श्रेणी में आती हों.
- दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तय अन्य शर्तों को पूरा करती हों. यह भी पढ़ें: Ladki Bahin Yojana e-KYC Deadline: लाडकी बहनों के लिए आखिरी मौका, 30 अप्रैल ई-केवाईसी की अंतिम डेट; चूकने पर बंद हो सकती है किस्त
सरकार की विशेष समिति कर रही निगरानी
इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पिछले साल मार्च में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था. यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लागू की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से न केवल महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव आएगा.













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