Chhattisgarh ‘Watermelon Death’ Case: तरबूज खाने से एक बच्चे की मौत, तीन की हालत गंभीर; जांच में जुटा प्रशासन
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

जांजगीर-चांपा, 12 मई: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जांजगीर-चांपा जिले (Janjgir-Champa District) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कटा हुआ तरबूज (Watermelon) खाने के बाद एक 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई और तीन अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं. यह दुखद घटना जिले के घुरकोट गांव (Ghurkot Village) की है, जहां बच्चे अपने मामा के घर छुट्टियां मनाने आए थे. अधिकारियों के अनुसार, यह मामला 'फूड पॉइजनिंग' (Food Poisoning) या खाद्य संदूषण का प्रतीत हो रहा है, हालांकि जांच अभी जारी है. यह भी पढ़ें: Mumbai ‘Watermelon Death’ Case Mystery Solved: मुंबई ‘तरबूज मौत’ मामले की गुत्थी सुलझी, फॉरेंसिक जांच में चूहे मारने वाला जहर बना मौत की वजह; तरबूज से नहीं हुई थी परिवार की मौत

कैसे शुरू हुई तबीयत और क्या थे लक्षण?

मृतक की पहचान 15 वर्षीय अखिलेश धीवर के रूप में हुई है, जो पोड़ी दलहा गांव का रहने वाला था. बीमार बच्चों में श्री धीवर (4), पिंटू धीवर (12) और हितेश धीवर (13) शामिल हैं.

डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों ने रविवार सुबह का कटा हुआ तरबूज शाम को खाया था. इसे खाने के कुछ ही घंटों बाद अखिलेश को उल्टियां, दस्त और सांस लेने में तकलीफ होने लगी. देखते ही देखते अन्य तीन बच्चों की भी हालत बिगड़ने लगी। सोमवार को सभी को एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां अखिलेश को 'ब्रॉट डेड' (मृत अवस्था में लाया गया) घोषित कर दिया गया. अन्य तीन बच्चों का इलाज अभी इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है.

डॉक्टरों की आशंका: घंटों पहले कटा फल बना जहर?

जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला दूषित भोजन के सेवन से हुई विषाक्तता का लग रहा है. उन्होंने कहा, "तरबूज सुबह का कटा हुआ था और उसे कई घंटों बाद खाया गया, जिससे उसमें बैक्टीरिया पनपने या संदूषण की पूरी संभावना है.'

प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए:

मुंबई के 'तरबूज कांड' से तुलना

इस घटना ने हाल ही में मुंबई के पायधुनी इलाके में हुई उस त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं, जहां एक ही परिवार के चार लोगों की तरबूज खाने के बाद मौत हो गई थी. मुंबई वाले मामले में फोरेंसिक जांच में चूहों को मारने वाले जहर 'जिंक फास्फाइड' (Zinc Phosphide) के अंश मिले थे. हालांकि, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने अभी इन दोनों मामलों के बीच कोई संबंध होने से इनकार किया है और लैब रिपोर्ट आने तक धैर्य रखने की अपील की है.