पीएम मोदी की 'वर्क फ्रॉम होम' की अपील पर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़; ऑफिस कल्चर और HR को लेकर नेटिजन्स ने लिए मजे

नई दिल्ली, 12 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा भारतीयों से 'वर्क फ्रॉम होम' (Work From Home) अपनाने और ईंधन का संयमित उपयोग करने की अपील ने सोशल मीडिया (Social Media) पर एक नई बहस और मनोरंजन की लहर छेड़ दी है. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पीएम की इस सलाह के बाद इंटरनेट पर ऑफिस कल्चर, वर्क-लाइफ बैलेंस और HR नीतियों को लेकर मीम्स की बाढ़ आ गई है. जहां कर्मचारी इस सुझाव से उत्साहित नजर आ रहे हैं, वहीं कॉर्पोरेट कल्चर पर तंज कसने वाले जोक्स तेजी से वायरल हो रहे हैं. यह भी पढ़ें: VIDEO: पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी मामले में हमीरपुर-महोबा से सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी के खिलाफ FIR दर्ज, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

पीएम मोदी ने क्यों दी WFH की सलाह?

रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए लोगों से कोविड काल के तरीकों को दोबारा अपनाने का आग्रह किया.

पीएम ने कहा, 'हमने कोविड-19 के दौरान वर्क-फॉम-होम, वर्चुअल मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे तरीके अपनाए थे. समय की मांग है कि हम उन तरीकों को फिर से शुरू करें ताकि अनावश्यक ईंधन की खपत को कम किया जा सके.'

सोशल मीडिया पर मीम्स का सैलाब

प्रधानमंत्री के इस बयान के तुरंत बाद 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मजेदार प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं. कई वायरल मीम्स में कर्मचारियों को जश्न मनाते हुए दिखाया गया, तो वहीं कुछ में उन HR मैनेजरों का मजाक उड़ाया गया जो 'रिटर्न-टू-ऑफिस' (ऑफिस वापसी) के लिए सख्त नियम बना रहे हैं.

एक यूजर ने मीम साझा करते हुए लिखा, 'जब पीएम खुद WFH की बात करें, लेकिन ऑफिस से फिर भी 'मैंडेटरी अटेंडेंस' का मेल आ जाए.' वहीं कुछ लोग पजामे में मीटिंग अटेंड करने और इंटरनेट खराब होने का बहाना बनाने वाले 'कोविड-युग' के दिनों को याद कर रहे हैं.

PM मोदी के भारतीयों से ईंधन बचाने की अपील के बाद 'वर्क फ्रॉम होम' मीम्स वायरल हो गए

 

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कच्चे तेल की कीमतें और आर्थिक दबाव

यह चर्चा तब शुरू हुई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. तेल की कीमतों में इस उछाल से भारत के आयात बिल पर भारी बोझ पड़ने और महंगाई बढ़ने की आशंका है. सरकार का मानना है कि यदि बड़ी कंपनियां और कर्मचारी रिमोट वर्किंग को प्राथमिकता देते हैं, तो परिवहन में होने वाली तेल की खपत में बड़ी कमी लाई जा सकती है.

ऑफिस बनाम रिमोट वर्क की बहस

पीएम मोदी के सुझाव ने भारत के कॉर्पोरेट जगत में 'रिमोट वर्क' बनाम 'ऑफिस अटेंडेंस' की पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर दिया है. जबकि कई आईटी और डिजिटल कंपनियां इसे लागू करने पर विचार कर सकती हैं, छोटे शहरों के कर्मचारियों के लिए यह खबर एक बड़ी राहत की तरह देखी जा रही है.