ईंधन बचत की मिसाल: पीएम मोदी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाई, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर दिया जोर

नई दिल्ली, 13 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देश के सामने 'उदाहरण पेश करते हुए' (Leading From The Front) अपने आधिकारिक दौरों के दौरान काफिले (Convoy) के आकार को काफी छोटा कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना यह बदलाव हाल के गुजरात (Gujarat) और असम (Assam) दौरों के दौरान लागू किया गया. यह कदम प्रधानमंत्री की उन 'सात अपीलों' का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाने का आग्रह किया था. यह भी पढ़ें: पीएम मोदी की 'वर्क फ्रॉम होम' की अपील पर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़; ऑफिस कल्चर और HR को लेकर नेटिजन्स ने लिए मजे

सुरक्षा प्रोटोकॉल और छोटे काफिले का संतुलन

विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के प्रोटोकॉल के तहत अनिवार्य सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं को बरकरार रखते हुए वाहनों की संख्या में कटौती की गई है. अधिकारियों के मुताबिक, काफिले के छोटे होने के बावजूद प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले सभी महत्वपूर्ण घटक (Critical Components) पूरी तरह सक्रिय रहे. इसके अलावा, पीएम मोदी ने निर्देश दिया है कि जहां भी संभव हो, नए वाहनों की खरीद किए बिना काफिले में मौजूदा इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को शामिल किया जाए.

देशभक्ति की नई परिभाषा: जिम्मेदार जीवनशैली

पिछले रविवार को सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशभक्ति को एक नया आयाम दिया था. उन्होंने कहा था कि आज के समय में देशभक्ति केवल सीमाओं पर बलिदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार और कर्तव्यों को निभाने के बारे में भी है. उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करें.

आयात पर निर्भरता कम करने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने न केवल ईंधन, बल्कि अन्य वस्तुओं के आयात को कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा:

  • खाद्य तेल: 'खाद्य तेल के आयात पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। यदि हर परिवार इसके उपयोग में थोड़ी कमी लाए, तो यह राष्ट्रभक्ति में बड़ा योगदान होगा.'
  • प्राकृतिक खेती: पीएम मोदी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील की, ताकि उर्वरक आयात पर खर्च होने वाले विदेशी धन को बचाया जा सके.

आर्थिक और पर्यावरणीय सुरक्षा

पीएम मोदी का यह कदम भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के व्यापक विजन से प्रेरित है. उनका मानना है कि आयातित ईंधन और रसायनों पर निर्भरता कम करके न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित किया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी की जा सकती है.  प्रधानमंत्री का अपना काफिला छोटा करना इसी दिशा में नागरिकों के लिए एक संदेश है.