भोपाल, 13 मई: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भाजपा (BJP) के कई वरिष्ठ नेता उस समय विवादों के घेरे में आ गए, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की ईंधन संरक्षण और सादगी की हालिया अपील के बावजूद उनके विशाल काफिले सड़कों पर दिखाई दिए. इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितता के बीच, पीएम मोदी (PM Modi) ने नागरिकों से गैर-जरूरी यात्रा कम करने और डीजल-पेट्रोल (Diesel and Petrol) की खपत सीमित करने का आग्रह किया था. हालांकि, राज्य में इसके ठीक उलट तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिससे जनता में भारी नाराजगी है. यह भी पढ़ें: PM मोदी का बड़ा फैसला, आम जनता से अपील के बाद ईंधन बचत के लिए खुद के काफिले में वाहनों की संख्या घटाई
सौभाग्य सिंह ठाकुर के काफिले से भोपाल थमा
विवाद तब और गहरा गया जब नवनियुक्त पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर उज्जैन से भोपाल पहुंचे. उनके साथ 200 से अधिक वाहनों का एक विशाल काफिला चल रहा था, जिसने राजधानी भोपाल की मुख्य सड़कों और राजमार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम लगा दिया. भीषण गर्मी के बीच डीबी मॉल, बोर्ड ऑफिस चौराहा और अरेरा हिल्स जैसे प्रमुख इलाकों में स्कूली बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग और बुजुर्ग घंटों फंसे रहे.
अन्य जिलों में भी शक्ति प्रदर्शन
काफिलों का यह सिलसिला केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहा. शिवपुरी जिले में पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी एक मंदिर विवाद को सुलझाने के लिए विशाल वाहनों के बेड़े के साथ पहुंचे. वहीं, खंडवा में प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी एक जिला समीक्षा बैठक में सायरन बजाते हुए वाहनों के लंबे बेड़े के साथ दिखाई दिए. नेताओं द्वारा शक्ति प्रदर्शन के लिए इतने बड़े काफिलों का उपयोग अब पार्टी के भीतर और बाहर बहस का विषय बन गया है. यह भी पढ़ें: PM Modi Fuel Saving Appeal: ईंधन बचत को लेकर पीएम मोदी की अपील, प्रधानमंत्री के बाद अमित शाह ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम की; VIDEO
नेताओं के विरोधाभासी बयान
हैरानी की बात यह है कि कुछ नेताओं ने पीएम मोदी की अपील का समर्थन करते हुए भी स्वयं बड़े काफिलों में यात्रा की. मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने खुद स्वीकार किया कि इतने बड़े काफिले का 'कोई औचित्य नहीं है' और प्रधानमंत्री की अपील का पालन होना चाहिए. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कहा कि पार्टी ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक स्कूटर जैसे वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है.
प्रतीकात्मक सादगी और जमीनी हकीकत
आलोचनाओं के बीच कुछ नेताओं ने सादगी दिखाने के प्रयास भी किए. भोपाल में लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से कार्यक्रम में पहुंचे, जबकि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम् सिंह तोमर ई-स्कूटर पर दिखे. हालांकि, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये केवल प्रतीकात्मक कदम थे क्योंकि इन नेताओं के साथ उनके समर्थकों की भारी भीड़ निजी वाहनों में ही चल रही थी. पीएम मोदी की 'ईंधन बचाओ' की जमीनी स्तर पर हो रही इस अनदेखी ने सरकार और संगठन के तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं.












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