Mumbai Shocker: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के एक प्रतिष्ठित फाइव-स्टार होटल में आधार कार्ड के दुरुपयोग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि तलाक की कार्यवाही चलने के दौरान उसके पति ने किसी दूसरी महिला के साथ होटल में ठहरने के लिए उसकी पहचान और आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया. मुंबई पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है.
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता पल्लवी दीपक गोयल (39) का अपने पति दीपक गोयल के साथ साल 2013 से विवाह हुआ था, लेकिन आपसी विवाद के कारण फरवरी 2026 से सूरत की एक अदालत में तलाक का मामला लंबित है. यह भी पढ़े: Kandivali Suicide Case: मुंबई के कांदिवली में MHADA के उप रजिस्ट्रार की पत्नी ने की आत्महत्या, पति के खिलाफ केस दर्ज
घटना का खुलासा तब हुआ जब 14 अप्रैल को पल्लवी के वकील ने उन्हें फोन कर पूछा कि क्या उन्होंने अपने पति के साथ समझौता कर लिया है. वकील ने बताया कि उनके एक परिचित ने दीपक गोयल को 'ताज लैंड्स एंड' होटल में एक महिला के साथ देखा है.
होटल रिकॉर्ड में पत्नी के नाम का इस्तेमाल
पल्लवी ने जब होटल से संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि 16 से 18 फरवरी के बीच दीपक गोयल और पल्लवी गोयल के नाम पर एक सुइट बुक किया गया था. पल्लवी के मुताबिक, वह उन तारीखों में वडोदरा में अपने माता-पिता के घर पर थीं और कभी उस होटल में नहीं गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल कर किसी अन्य महिला को उनके रूप में वहां ठहराया गया.
जाली आधार कार्ड का शक
शुरुआती पुलिस जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि होटल में चेक-इन के दौरान जो आधार कार्ड जमा किया गया था, उस पर पल्लवी का नाम और फोटो तो थी, लेकिन वह कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार किया गया था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि होटल के सुरक्षा तंत्र को चकमा देकर यह जाली दस्तावेज कैसे स्वीकार कर लिया गया.
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
बांद्रा पुलिस ने दीपक गोयल और एक अज्ञात महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इसमें पहचान की चोरी, धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी और आपराधिक साजिश (धारा 318, 319(2), 336(2) आदि) शामिल हैं.
पुलिस अब होटल के सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल बुकिंग रिकॉर्ड और गेस्ट रजिस्ट्रेशन फॉर्म की बारीकी से जांच कर रही है. साथ ही, दीपक गोयल के साथ मौजूद अज्ञात महिला की पहचान करने की कोशिश भी की जा रही है ताकि इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके.
यह मामला डिजिटल पहचान की सुरक्षा और होटलों में केवाईसी (KYC) प्रक्रियाओं की गंभीरता पर सवाल उठाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि निजी विवादों में पहचान के दस्तावेजों का दुरुपयोग एक गंभीर कानूनी अपराध है जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है.













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