देश

Wedding Invitation Scam: सावधान! शादी के डिजिटल कार्ड से साइबर जालसाज उड़ रहे हैं पैसे, बेंगलुरु के कारोबारी से 5 लाख की ठगी, जानें कैसे बचें

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 16 अप्रैल की सुबह तड़के 4:45 से 4:54 बजे के बीच हुई. जैसे ही पीड़ित ने शादी का विवरण देखने के लिए उस फाइल को इंस्टॉल किया, हैकर्स को उनके स्मार्टफोन का रिमोट एक्सेस मिल गया. इसके बाद अपराधियों ने महज 9 मिनट के भीतर कई अनधिकृत यूपीआई (UPI) लेनदेन किए और खाते से पूरी रकम निकाल ली.

Wedding Invitation Scam: सावधान! शादी के डिजिटल कार्ड से  साइबर जालसाज उड़ रहे हैं पैसे, बेंगलुरु के कारोबारी से 5 लाख की ठगी, जानें कैसे बचें

Wedding Invitation Scam: साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका अपनाया है. बेंगलुरु के एक 42 वर्षीय व्यवसायी, नूर नाहिद खान, एक फर्जी 'वेडिंग इनविटेशन' (शादी का निमंत्रण) के चक्कर में 5,00,440 रुपये गंवा बैठे हैं. यह पूरी वारदात व्हाट्सएप पर भेजी गई एक संदिग्ध फाइल के जरिए अंजाम दी गई. पुलिस के अनुसार, जालसाजों ने पीड़ित को एक डिजिटल कार्ड के नाम पर एक APK फाइल भेजी थी, जिसे डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया.

9 मिनट में खाली हुआ बैंक खाता

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 16 अप्रैल की सुबह तड़के 4:45 से 4:54 बजे के बीच हुई. जैसे ही पीड़ित ने शादी का विवरण देखने के लिए उस फाइल को इंस्टॉल किया, हैकर्स को उनके स्मार्टफोन का रिमोट एक्सेस मिल गया. इसके बाद अपराधियों ने महज 9 मिनट के भीतर कई अनधिकृत यूपीआई (UPI) लेनदेन किए और खाते से पूरी रकम निकाल ली.  यह भी पढ़े:  Siwan Viral Video Download Link Scam: सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे फर्जी फिशिंग लिंक से सावधान

कैसे काम करता है यह APK मालवेयर?

बेंगलुरु पुलिस ने इस स्कैम के पीछे के तकनीकी तंत्र का खुलासा किया है. आमतौर पर डिजिटल निमंत्रण पत्र JPEG, PNG या PDF फॉर्मेट में होते हैं. हालांकि, अपराधी अब APK (Android Package Kit) फाइलें भेज रहे हैं. यह एक ऐसी फाइल होती है जो फोन में एक अज्ञात ऐप इंस्टॉल कर देती है. एक बार इंस्टॉल होने के बाद, यह सॉफ्टवेयर फोन के बैंकिंग ऐप्स, गूगल पे और निजी डेटा तक पहुंच बना लेता है और बैकग्राउंड में चुपचाप काम करता रहता है.

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पीड़ित की शिकायत के बाद, स्थानीय अधिकारियों ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 66(C) और 66(D) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है जो शहर के मोबाइल यूजर्स को 'सोशल इंजीनियरिंग' के जरिए निशाना बना रहा है.

डिजिटल साक्षरता की बढ़ती जरूरत

इस घटना ने देश में डिजिटल जागरूकता की कमी पर एक नई बहस छेड़ दी है. कॉइनडीसीएक्स (CoinDCX) के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि आज के समय में "डिजिटल साक्षरता" सबसे बड़ी जरूरत है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सुरक्षित इमेज फाइल्स और खतरनाक एग्जीक्यूटेबल पैकेज (APK) के बीच अंतर को समझना सीखें.

बचाव के लिए जरूरी टिप्स:

  • अज्ञात फाइल न खोलें: व्हाट्सएप पर किसी अनजान नंबर से आए अटैचमेंट या लिंक पर क्लिक न करें.

  • फाइल फॉर्मेट चेक करें: शादी का कार्ड हमेशा इमेज या पीडीएफ में होता है, कभी भी .apk फॉर्मेट में नहीं.

  • अननोन सोर्स सेटिंग: अपने फोन की सेटिंग्स में 'Install from Unknown Sources' को हमेशा बंद रखें.

  • आधिकारिक स्टोर का उपयोग: कोई भी ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें.

  • तुरंत रिपोर्ट करें: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें.

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे तकनीक का उपयोग सावधानी से करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इन खतरों के प्रति शिक्षित करें. (न्यूज डेस्क)

(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2026 10:35 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).