PayPal Layoffs: पेपल ने अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत कटौती करने का ऐलान किया है. इस फैसले के तहत अगले दो से तीन वर्षों में लगभग 4,760 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. कंपनी के नए सीईओ एनरिक लोरेस (Enrique Lores) के नेतृत्व में यह बड़ा कदम उठाया गया है. कंपनी का मकसद लागत कम करना, संगठन को अधिक प्रभावी बनाना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाना है. Cognizant Layoffs: 'प्रोजेक्ट लीप' के तहत 15,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है कॉग्निजेंट; भारत पर होगा बड़ा असर
AI और ऑटोमेशन पर रहेगा फोकस
पेपल के सीईओ एनरिक लोरेस ने निवेशकों को बताया कि कंपनी दो चरणों में बदलाव की रणनीति पर काम करेगी. पहले चरण में कंपनी के भीतर मौजूद अतिरिक्त मैनेजमेंट लेयर और दोहराव वाली प्रक्रियाओं को खत्म किया जाएगा ताकि कामकाज ज्यादा प्रभावी हो सके. दूसरे चरण में AI और ऑटोमेशन को कंपनी के विभिन्न विभागों में तेजी से लागू किया जाएगा.
कंपनी का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म में पर्याप्त निवेश नहीं होने की वजह से पेपल अपने प्रतिस्पर्धियों से पीछे रह गई थी. अब कंपनी AI आधारित तकनीकों के जरिए खुद को फिर से मजबूत बनाने की तैयारी में है.
कंपनी ने किया बड़ा री-स्ट्रक्चर
पेपल ने अपने बिजनेस को तीन प्रमुख यूनिट्स में बांट दिया है. इनमें चेकआउट सॉल्यूशंस और पेपाल, उपभोक्ता वित्तीय सेवाएँ और वेनमो और भुगतान सेवाएँ और क्रिप्टो शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि इससे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा और डिजिटल पेमेंट व क्रिप्टो बिजनेस में ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा. सीईओ लोरेस ने कंपनी के “Checkout” बिजनेस को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है. उनका लक्ष्य पेपल को एक पारंपरिक पेमेंट कंपनी से टेक-फर्स्ट और AI-ड्रिवन संगठन में बदलना है.
शेयर बाजार में दिखा असर
छंटनी की घोषणा के बाद पेपल के शेयरों में 8 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि कंपनी का अनुमान है कि इस बड़े बदलाव से 2029 तक करीब 1.5 अरब डॉलर की बचत होगी. इसी बचत का इस्तेमाल कंपनी नई टेक्नोलॉजी और AI निवेश के लिए करेगी.
वित्तीय प्रदर्शन रहा मिला-जुला
पेपल की पहली तिमाही की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का रेवेन्यू 8.35 अरब डॉलर रहा, जो विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर है. हालांकि कंपनी का मुनाफा घटकर 1.11 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 1.29 अरब डॉलर था. वहीं कुल पेमेंट वॉल्यूम में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 464 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इसके बावजूद कंपनी ने मौजूदा तिमाही में एडजस्टेड कमाई में 9 प्रतिशत गिरावट की आशंका जताई है.
कौन हैं एनरिक लोरेस?
एनरिक लोरेस इससे पहले एचपी के सीईओ रह चुके हैं. वह लागत कम करने, ऑटोमेशन बढ़ाने और बिजनेस मॉडल में बदलाव लाने के लिए जाने जाते हैं. पेपल में भी वह उसी रणनीति पर काम कर रहे हैं. कंपनी का मानना है कि यह बदलाव उसे तेजी से बदलती फिनटेक इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में मदद करेगा.












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